भागलपुर। नवगछिया से चौधरीडीह तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क का निर्माण अब दो चरणों में नहीं, बल्कि एक साथ कराया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने करीब 15 किलोमीटर लंबी इस सड़क के लिए संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेज दी है। डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण एजेंसी के चयन के लिए टेंडर जारी किया जाएगा।
डीपीआर में बदलाव से बढ़ी परियोजना लागत
पहले मंत्रालय को करीब 723 करोड़ रुपये की डीपीआर भेजी गई थी। अब उसमें कई तकनीकी बदलाव किए गए हैं, जिससे परियोजना की लागत लगभग 250 करोड़ रुपये बढ़ गई है। संशोधित डीपीआर को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग का लक्ष्य अक्टूबर-नवंबर से निर्माण कार्य शुरू कराने का है, ताकि 2028 तक प्रस्तावित समानांतर विक्रमशिला फोरलेन पुल के तैयार होने से पहले सड़क निर्माण भी पूरा किया जा सके।

फ्लाईओवर, अंडरपास और आरओबी का होगा निर्माण
संशोधित योजना के अनुसार परियोजना में कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
- जीरोमाइल के पास सबौर दिशा में नया टू-लेन फ्लाईओवर बनाया जाएगा।
- बंशीटीकर, जाह्नवी चौक, तेतरी, सेंट टेरेसा स्कूल और हवाई अड्डे के पास व्हीकल अंडरपास (VUP) बनाए जाएंगे।
- गोपालपुर के समीप 60 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा नया रेल ओवर ब्रिज (ROB) बनेगा।
- बायपास पर दो छोटे पुलों का भी निर्माण किया जाएगा।
22 मीटर चौड़ी होगी सड़क, बनेगा सुरक्षा बांध
फोरलेन सड़क की चौड़ाई 22 मीटर होगी। इसके अलावा महादेवपुर घाट से फोरलेन पुल तक 900 मीटर लंबा सुरक्षा बांध बनाया जाएगा, जिस पर लगभग 9 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे सड़क को कटाव और बाढ़ से सुरक्षा मिलेगी, साथ ही आसपास के गांवों को भी राहत मिलेगी।
जाह्नवी चौक से 53 मीटर लंबी और करीब 18 मीटर ऊंची अप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा, जो सीधे फोरलेन पुल से जुड़ेगी। भागलपुर की ओर भी अप्रोच रोड को ऊंचा बनाया जाएगा।
जीरोमाइल से जाह्नवी चौक तक मिलेगी सिक्स-लेन सुविधा
परियोजना पूरी होने के बाद विक्रमशिला सेतु की मौजूदा दो लेन और नई फोरलेन सड़क को मिलाकर जीरोमाइल से जाह्नवी चौक तक कुल छह लेन की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे भागलपुर और नवगछिया के बीच यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।
यह फोरलेन सड़क एनएच-131बी का हिस्सा होगी, जो नवगछिया की ओर एनएच-33 तथा भागलपुर की ओर मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे एवं हंसडीहा फोरलेन से जुड़ेगी। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मंत्रालय से डीपीआर को मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
