नवगछिया। नवगछिया नगर परिषद के सफाईकर्मियों और वाहन चालकों ने शुक्रवार को ईपीएफ की बकाया राशि जमा नहीं किए जाने और मजदूरी भुगतान में अनियमितता के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अधिकारियों को आवेदन सौंपकर लंबित ईपीएफ राशि जमा कराने और उपस्थिति के अनुसार बकाया मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से काम बंद कर नगर परिषद मुख्यालय का घेराव करेंगे।
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कई बार आवेदन के बाद भी नहीं हुआ समाधान
सफाईकर्मी अजगर ने बताया कि ईपीएफ से जुड़ी समस्या को लेकर 28 जनवरी 2026 को पहली बार आवेदन दिया गया था। इसके बाद 2 फरवरी और 13 मई 2026 को आउटसोर्सिंग एजेंसी के साथ समझौता भी हुआ, लेकिन समझौते के बावजूद कर्मचारियों के ईपीएफ की बकाया राशि जमा नहीं कराई गई। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बाद भी उन्हें केवल आश्वासन मिला, जबकि समस्या अब तक बनी हुई है।
46 माह का ईपीएफ जमा नहीं होने का आरोप
कर्मचारी वरुण मेहतर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2011 से 2019 के बीच ईपीएफ जमा करने में कई तरह की त्रुटियां हुई हैं। वहीं जनवरी 2022 से जून 2026 तक करीब 46 माह का ईपीएफ भी आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा जमा नहीं कराया गया है। कर्मचारियों के अनुसार ईपीएफ की राशि जमा नहीं होने से उनकी सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

कम मजदूरी मिलने से आर्थिक संकट
कर्मचारी प्रदीप कुमार ने बताया कि पिछले महीने से कई सफाई मजदूरों को निर्धारित मजदूरी का सही तरीके से भुगतान नहीं किया जा रहा है। कम मजदूरी मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि कम आय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।
मांग पूरी नहीं हुई तो होगा आंदोलन
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने मांग की है कि सभी लंबित ईपीएफ राशि तत्काल जमा कराई जाए और कर्मियों को उनकी वास्तविक उपस्थिति के अनुसार बकाया मजदूरी का भुगतान किया जाए। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय में मांगों का समाधान नहीं होने पर सभी सफाईकर्मी और वाहन चालक काम बंद कर नगर परिषद मुख्यालय का घेराव करेंगे।
अधिकारियों को सौंपे गए आवेदन पर अजगर, वरुण मेहतर, प्रदीप कुमार, मो. शरीफ, अमर कुमार, प्रमोद कुमार, धर्मेंद्र, राजा हरिजन, सोनू हरि, बाबूल आलम, संदीप कुमार, रवि मेहतर समेत अन्य कर्मचारियों के हस्ताक्षर हैं।
