नवगछिया। सावन शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी, 24 अगस्त से शुरू होने वाले पारंपरिक झूलनोत्सव को लेकर नवगछिया शहर में धार्मिक उत्साह चरम पर है। शहर के प्रमुख मंदिरों और ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ियों में उत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंदिरों में आकर्षक विद्युत सज्जा, रंग-रोगन और झूले की साज-सज्जा का काम तेजी से चल रहा है।
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झूलनोत्सव के दौरान 24 अगस्त से भगवान श्री राधा-कृष्ण और भगवान जगन्नाथ को भव्य झूले पर विराजमान कराया जाएगा। इसके साथ ही मंदिरों में भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना का दौर शुरू होगा। कई मंदिरों में शाम से देर रात तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रमुख मंदिरों और ठाकुरबाड़ियों में विशेष तैयारी
शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर झूलनोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

हरिया पट्टी: यहां स्थित ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी में झूलनोत्सव को लेकर आकर्षक सजावट की जा रही है। मंदिर परिसर को रोशनी और फूलों से सजाने की तैयारी चल रही है।
हरिमहाराज ठाकुरबाड़ी और श्री सत्यनारायण मंदिर: यहां शाम छह बजे से देर रात तक विशेष शृंगार, रुद्राभिषेक और झूलनोत्सव का आयोजन होगा। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्था की जा रही है।
जगतपति महादेव मंदिर व गौशाला: मंदिर में प्रातःकाल विशेष पूजा-अर्चना होगी। वहीं गौशाला स्थित जगतपति महादेव मंदिर में भी भगवान के लिए आकर्षक झूला सजाया जाएगा।
गरीब दास ठाकुरबाड़ी : मंदिर में बाबा भोलेनाथ का रुद्राभिषेक और विशेष शृंगार किया जाएगा। यहां पांच दिनों तक धार्मिक आयोजन और झूलनोत्सव का कार्यक्रम चलेगा।
झूलनोत्सव को लेकर मंदिर समितियों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। मंदिरों में होने वाले भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। शहर में जगह-जगह सजावट और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां अंतिम रूप ले रही हैं।
