खरीक। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण राघोपुर-काजीकोरैया जमींदारी तटबंध पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेंद्र कुमार ने तटबंध का निरीक्षण कर मौके पर मौजूद अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। जल संसाधन विभाग की टीम तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए लगातार कटावरोधी कार्य में जुटी हुई है।
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निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को तटबंध की सुरक्षा के लिए बांस, बोरे, जियो बैग समेत अन्य आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने मजदूरों की संख्या बढ़ाकर दिन-रात शिफ्ट में कटावरोधी कार्य कराने को कहा। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि तटबंध की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गंगा की घूर्णन धारा से कटाव स्थल पर बढ़ रहा दबाव
जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता ने मंत्री को बताया कि गंगा की धारा के घूर्णन के कारण कटाव स्थल पर पानी लौटकर तेज चोट कर रहा है। इससे तटबंध पर लगातार दबाव बढ़ रहा है और कटाव का खतरा बना हुआ है।

मंत्री ने कहा कि करीब 14 वर्षों से इस क्षेत्र में कटाव की गंभीर स्थिति नहीं बनी थी, जिसके कारण यहां स्थायी कटावरोधी कार्य और एंटी-इरोशन बोल्डर पीचिंग का काम नहीं हो सका था। वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए उन्होंने स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करने की बात कही।
ग्रामीणों ने तटबंध में दरारों की शिकायत की
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने तटबंध में कई स्थानों पर दरारें होने की शिकायत अधिकारियों से की। ग्रामीणों ने कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के बीच इन दरारों की तत्काल मरम्मत जरूरी है, ताकि किसी बड़े खतरे को टाला जा सके।
मौके पर मौजूद डीसीएलआर नवगछिया, स्क्वॉड मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत व्यवस्था के निर्देश
मंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए पॉलीथिन, पर्याप्त संख्या में चापाकल और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मरीन ड्राइव से स्थायी समाधान की उम्मीद
मंत्री ने कुर्सेला से बक्सर तक गोपालपुर होते हुए राघोपुर-नरकटिया बांध के किनारे प्रस्तावित मरीन ड्राइव योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में बाढ़ और कटाव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में मदद मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि तटबंधों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ बाढ़ प्रभावित लोगों को समय पर राहत और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
