नवगछिया । गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के विजय घाट के समीप कोसी नदी पर प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित चार लेन पुल के निर्माण की दिशा में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बिहार सेतु निर्माण विभाग ने परियोजना को धरातल पर उतारने से पहले विस्तृत ट्रैफिक सर्वे कराने के लिए आधिकारिक टेंडर जारी किया है। सक्षम सर्वे एजेंसी के चयन के लिए 3 सितंबर को कोटेशन खोले जाएंगे।
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प्रस्तावित पुल के निर्माण से भागलपुर और कोसी क्षेत्र के बीच आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने पर सहरसा, सुपौल और मधेपुरा सहित कोसी क्षेत्र के लोगों को भागलपुर से बेहतर सड़क संपर्क मिल सकेगा।
ट्रैफिक सर्वे से तय होगी परियोजना की रूपरेखा
पुल निर्माण से पहले कराया जाने वाला ट्रैफिक सर्वे परियोजना की तकनीकी रूपरेखा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सर्वे एजेंसी प्रस्तावित पुल स्थल और दोनों ओर बनने वाली एप्रोच सड़कों पर वाहनों की संख्या, यातायात दबाव और वाहनों के प्रकार से संबंधित आंकड़े जुटाएगी।

वर्तमान यातायात के साथ भविष्य में बढ़ने वाली आवाजाही का भी आकलन किया जाएगा। इसी आधार पर पुल की क्षमता, डिजाइन और यातायात प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी।
भविष्य में पुल पर टोल और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था विकसित करने के लिए भी ट्रैफिक सर्वे के आंकड़े उपयोगी साबित हो सकते हैं।
1.84 किलोमीटर लंबा होगा मुख्य पुल
प्रस्तावित विजय घाट पुल परियोजना का स्वरूप व्यापक है। कोसी नदी की मुख्य धारा पर बनने वाला चार लेन पुल करीब 1,840 मीटर लंबा प्रस्तावित है।
परियोजना में पुल के अलावा दोनों तरफ एप्रोच रोड और गाइड बांध का निर्माण भी शामिल है। नदी के कटाव से पुल और उसके संपर्क मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए गाइड बांध महत्वपूर्ण होंगे।
इसके अलावा वाहनों के सुगम आवागमन के लिए परियोजना में रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण भी प्रस्तावित बताया गया है।
भागलपुर-कोसी कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा
विजय घाट पर चार लेन पुल बनने से भागलपुर और कोसी क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में नदी पार आवागमन और सड़क संपर्क से जुड़ी समस्याओं के कारण लोगों को कई बार लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।
पुल बनने के बाद सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जैसे कोसी क्षेत्र के जिलों से भागलपुर की ओर आने-जाने में सुविधा बढ़ेगी। चार लेन सड़क होने से भारी वाहनों और मालवाहक ट्रकों के आवागमन में भी सहूलियत मिलने की संभावना है।
इससे क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों और परिवहन व्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों के लिए भी आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगा।
सर्वे के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
फिलहाल परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए ट्रैफिक सर्वे एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 3 सितंबर को कोटेशन खुलने के बाद चयनित एजेंसी द्वारा सर्वे का काम किया जाएगा। सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर परियोजना की विस्तृत तकनीकी और यातायात संबंधी रूपरेखा तैयार करने में मदद मिलेगी।
विजय घाट पर प्रस्तावित यह पुल लंबे समय से क्षेत्र की महत्वपूर्ण मांग रहा है। अब ट्रैफिक सर्वे के लिए टेंडर जारी होने से स्थानीय लोगों में परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।
