नवगछिया/बिहपुर। बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के राघोपुर पंचायत में गंगा का कटाव लगातार गंभीर होता जा रहा है। जल संसाधन विभाग की तमाम तैयारियों के बावजूद ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के घर से महज 500 मीटर की दूरी पर तटबंध कट गया। पिछले पांच दिनों से जारी कटाव में अलग-अलग स्थानों पर करीब 250 मीटर तटबंध गंगा में समा चुका है। शुक्रवार रात एक बार फिर करीब 50 से 70 मीटर हिस्सा कट गया, जबकि कटावरोधी कार्य में लगा एक ट्रैक्टर भी गंगा की तेज धार में समा गया।
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कटाव के कारण राघोपुर पंचायत और आसपास के इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। करीब 1,500 घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने की बात सामने आई है, जबकि लगभग 5,000 से अधिक आबादी प्रभावित बताई जा रही है। राघोपुर पंचायत में ही ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल का पैतृक घर है, जहां भी पानी प्रवेश कर गया है।
पांच दिन में तीसरी बार बड़ा कटाव
राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर पांच दिनों में कटाव की यह तीसरी बड़ी घटना है। सोमवार को अपस्ट्रीम में करीब 20 मीटर तटबंध गंगा में समा गया था। इसके बाद डाउनस्ट्रीम में भी कटाव बढ़ता गया। शुक्रवार रात नदी ने करीब 50 से 70 मीटर हिस्सा काट दिया।

ग्रामीणों के मुताबिक, अलग-अलग हिस्सों में कटाव को जोड़ें तो पांच दिनों के भीतर करीब 250 मीटर तटबंध प्रभावित हो चुका है। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि तटबंध का निचला और अंदरूनी हिस्सा लगातार कमजोर हो रहा है। ऊपर से तटबंध का कुछ हिस्सा सुरक्षित दिखाई देता है, लेकिन नीचे से मिट्टी खिसकने के कारण अचानक बड़ा हिस्सा नदी में समा जा रहा है।
पांच लाख बालू भरे बोरे भी बेअसर
कटाव रोकने के लिए जल संसाधन विभाग की ओर से लगातार बचाव कार्य किया जा रहा है। पिछले तीन दिनों में कटाव प्रभावित हिस्से में करीब पांच लाख बालू भरे बोरे डाले गए। इनसे नदी की तेज धारा को रोकने और कमजोर तटबंध को सहारा देने का प्रयास किया गया, लेकिन तेज करंट के कारण बड़ी संख्या में बोरे भी नदी में बह गए।
कटावरोधी कार्य में जुटी टीम के लिए नदी के बीच काम करना लगातार चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। शुक्रवार को काम में लगा एक ट्रैक्टर भी कटाव की चपेट में आकर गंगा में समा गया।
महादेवपुर घाट के पास भी कटाव शुरू
राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध के डाउनस्ट्रीम में करीब 500 मीटर दूर महादेवपुर घाट के आसपास भी कटाव शुरू हो गया है। इससे विभाग की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि नदी का दबाव इसी तरह बना रहा तो कटाव अन्य हिस्सों तक भी फैल सकता है।
बाढ़ का पानी राघोपुर पंचायत के साथ-साथ शंकरपुर मोहल्ले तक पहुंच गया है। निचले इलाकों में कई घर पानी से घिर गए हैं। प्रभावित परिवारों के लिए आवागमन का मुख्य साधन नाव बन गई है।
जलस्तर घटा, लेकिन तेज करंट ने बढ़ाई चिंता
गंगा के जलस्तर में फिलहाल कमी आने की बात कही जा रही है, लेकिन इसके बावजूद नदी का करंट काफी तेज है। यही तेज धारा तटबंध के लिए सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है। जलस्तर घटने के बाद भी कटाव नहीं रुकने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारों के अनुसार, गंगा की बदलती धारा भी राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध पर दबाव बढ़ाने की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। नारायणपुर के पास गंगा करीब 3 से 3.5 किलोमीटर चौड़ी है, जबकि भागलपुर की ओर नदी की चौड़ाई करीब पांच किलोमीटर तक बताई जाती है।
तटबंध के विपरीत दिशा में बने टापू के कारण नदी की सीधी धारा बाधित हो रही है। टापू से टकराने के बाद नदी की धारा करीब 90 डिग्री तक मुड़कर राघोपुर-काजीकोरैया तटबंध के करीब 930 मीटर लंबे हिस्से से टकरा रही है। नदी की गहराई करीब 25 से 30 मीटर बताई जा रही है। तेज धारा के सीधे तटबंध से टकराने के कारण नीचे से मिट्टी कट रही है और धीरे-धीरे तटबंध का हिस्सा कमजोर होकर नदी में गिर रहा है।
प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी
फिलहाल जल संसाधन विभाग की टीम कटावरोधी कार्य में जुटी है। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेज करंट के बीच तटबंध को और क्षतिग्रस्त होने से बचाने की है।
वहीं प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। लगातार कटाव के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
