नवगछिया। नगर परिषद क्षेत्र स्थित बड़ी घाट ठाकुरबाड़ी में पिछले नौ दिनों से चल रहे शिव महापुराण कथा एवं अभिषेकात्मक महारुद्राभिषेक का भव्य एवं भक्तिमय समापन हुआ। समापन समारोह में श्रद्धालुओं ने रंग-गुलाल की होली खेलकर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था और भक्ति प्रकट की। रंगों की बौछार और भजनों से पूरा ठाकुरबाड़ी परिसर भक्तिमय उत्सव में बदल गया।
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कथा के अंतिम दिन व्यासपीठ से श्री सिया वल्लभ शरण महाराज ने शिव महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव करुणा के सागर हैं। सच्ची शिव भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि परमार्थ, मानव सेवा और दीन-दुखियों की सहायता में भी भगवान शिव की वास्तविक आराधना निहित है। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म और सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
अनुष्ठान के अंतिम दिन यज्ञ समिति के सचिव प्रवीण भगत ने सपत्नीक मुख्य यजमान के रूप में विधि-विधान से महारुद्राभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान शिव का अभिषेक किया गया। इसके बाद महायज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न हुई, जिसमें सभी यजमानों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया तथा परिवार और समाज की सुख-समृद्धि, शांति एवं कल्याण की कामना की।

पूर्णाहुति के बाद श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर उत्सव मनाया। ठाकुरबाड़ी परिसर में देर तक भक्ति गीत और जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
नौ दिवसीय इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में कौशलेन्द्र ठाकुर, शिक्षाविद विश्वास झा, अविनाश कुमार, विशाल कुमार, चंदन सिंह, कृष्ण भगत, अविनाश उर्फ जैकी बाबा सहित ठाकुरबाड़ी प्रबंधन समिति के सभी सक्रिय सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन में समिति के सदस्यों ने पूरी तन्मयता से योगदान दिया।
महाप्रसाद वितरण के साथ ही नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा एवं महारुद्राभिषेक का विधिवत समापन हुआ। आयोजन के सफल समापन पर समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल रहा।
