नवगछिया। रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले नवगछिया बस स्टैंड की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बस स्टैंड की सर्विस रोड के दोनों किनारे इन दिनों कचरे के ढेर में तब्दील हो गए हैं। गीला कचरा, जमा गंदा पानी और बजबजाते नालों से उठती दुर्गंध के बीच यात्रियों और राहगीरों को आवाजाही करनी पड़ रही है। बारिश के बाद स्थिति और भी बदतर हो गई है।
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हैरानी की बात यह है कि एक ओर बस स्टैंड गंदगी से परेशान है, वहीं दूसरी ओर सफाई के संसाधन बेकार पड़े हुए हैं। सम्राट अशोक भवन के पीछे दो दर्जन से अधिक कचरा डब्बे लंबे समय से अनुपयोगी पड़े हैं। वहीं लाखों रुपये की लागत से खरीदा गया एक शव वाहन भी खड़ा दिखाई देता है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब सफाई के लिए संसाधन मौजूद हैं, तो फिर सार्वजनिक स्थल की सफाई व्यवस्था इतनी बदहाल क्यों है?
डब्बों का कचरा उठता है, सड़क किनारे की गंदगी नहीं
स्थानीय निवासी भगवान महतो ने बताया कि सफाईकर्मी कचरा डब्बों में जमा कचरा तो उठा लेते हैं, लेकिन सड़क किनारे फैले कचरे की नियमित सफाई नहीं होती। इससे धीरे-धीरे कचरे का ढेर बढ़ता जाता है और राहगीरों को परेशानी होती है।

वहीं मुकेश कुमार ने कहा कि नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहता है। पानी में कचरा सड़ने से पूरे इलाके में तेज दुर्गंध फैलती है। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है।
कई दिनों तक पड़ा रहता है कचरा
स्थानीय निवासी आरो यादव ने चिंता जताते हुए कहा कि कई-कई दिनों तक कचरा पड़े रहने से बस स्टैंड परिसर में खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है। दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को मजबूरी में इसी गंदगी और दुर्गंध के बीच से गुजरना पड़ता है।
बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर फैली गंदगी से स्वच्छता व्यवस्था के साथ-साथ निगरानी और जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि नियमित सफाई के साथ नालों की उड़ाही और कचरे के समुचित उठाव की व्यवस्था जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने उठाई सफाई की मांग
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से तत्काल कचरे के ढेर हटाने, नालों की उड़ाही कराने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने और लंबे समय से बेकार पड़े सफाई संसाधनों को उपयोग में लाने की मांग की है।
इस संबंध में नगर परिषद के अधिकारियों से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
