नवगछिया। गोपालपुर प्रखंड के विद्यालयों में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब बीडीओ कुंदन कुमार ने पठन-पाठन और मध्याह्न भोजन व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लालजी मध्य विद्यालय समेत अन्य संस्थानों में शैक्षणिक व्यवस्था और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में कई गंभीर खामियां सामने आईं।
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कक्षा 4-5 के बच्चों को पढ़ाया जा रहा था निचली कक्षाओं का पाठ
एक प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान बीडीओ ने पाया कि कक्षा चार और पांच के विद्यार्थियों को कक्षा एक-दो के स्तर का पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा था। यह देखकर बीडीओ ने संबंधित शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने शिक्षकों से सवाल किया कि जब बच्चे उच्च कक्षाओं में पहुंच चुके हैं, तो उन्हें अभी भी निचली कक्षाओं के स्तर की शिक्षा क्यों दी जा रही है। बीडीओ ने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक बच्चे को उसकी कक्षा और बौद्धिक स्तर के अनुरूप शिक्षा मिलना शिक्षक की जिम्मेदारी है।

उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की लापरवाही बच्चों के शैक्षणिक भविष्य पर गंभीर असर डाल सकती है। शिक्षकों को पठन-पाठन की व्यवस्था में तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया गया।
मिड-डे मील की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। बीडीओ के अनुसार, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिया जा रहा था। भोजन की खराब गुणवत्ता के कारण कुछ बच्चे खाना फेंकते हुए भी मिले।
इस पर बीडीओ कुंदन कुमार ने नाराजगी जताई और संबंधित प्रधानाध्यापक को तत्काल भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
बीडीओ ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में पठन-पाठन और मध्याह्न भोजन—दोनों व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने और उन्हें उनकी कक्षा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
अचानक हुए निरीक्षण के बाद विद्यालयों में शिक्षकों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी रही। बीडीओ ने संकेत दिया कि विद्यालयों की व्यवस्था को लेकर निरीक्षण आगे भी जारी रह सकता है।
