नवगछिया। रंगरा प्रखंड के सधुवा गांव में कोसी नदी का बाढ़ का पानी फैलने से गांव की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। पिछले करीब 10 दिनों से गांव चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है, जिससे सधुवा टापू में तब्दील हो गया है। खेत, रास्ते और गांव के निचले इलाके पानी में डूबे हैं। लगातार जलजमाव के कारण ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
Total Downloads: 199
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के चारों तरफ कोसी का पानी फैला हुआ है। गांव से बाहर निकलने के लिए लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए आवाजाही करना मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।
पानी में डूबे रास्ते, रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल
बाढ़ के कारण गांव के कई रास्ते जलमग्न हैं। जरूरी सामान खरीदने से लेकर इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचना ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार पानी में आवागमन करने से हादसे की आशंका भी बनी रहती है।

लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण घरों के आसपास भी जलजमाव की स्थिति है। इससे साफ-सफाई की समस्या बढ़ गई है और ग्रामीणों में जलजनित एवं अन्य बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है।
मवेशियों के चारे का संकट
बाढ़ ने पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ा दी है। खेतों में पानी भर जाने के कारण हरा चारा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पशुपालकों को दूर-दराज के इलाकों से चारा लाकर मवेशियों को खिलाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब 10 दिनों से जलजमाव के कारण मवेशियों की देखभाल करना भी मुश्किल हो गया है। यदि जल्द चारे की व्यवस्था नहीं हुई तो पशुपालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
नाव और राहत सामग्री की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से सधुवा गांव में तत्काल नाव की व्यवस्था, मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव लंबे समय से पानी से घिरा हुआ है और लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। समय रहते राहत और आवागमन की व्यवस्था नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों की स्थिति का तत्काल जायजा लेकर नाव, भोजन, पशुचारा और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
