नवगछिया/भागलपुर। विक्रमशिला सेतु पर 1 अक्टूबर से ट्रस ब्रिज निर्माण का काम शुरू होने जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने तक भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा के रास्ते आवागमन की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए 12 बड़े जहाज यानी क्रूज का परिचालन किया जाएगा। गंगा के दोनों किनारों से छह-छह जहाज चलेंगे। इस फेरी सेवा से यात्रियों का आवागमन नि:शुल्क होगा।
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सेतु पर आवागमन बंद होने से पहले प्रशासन ने गंगा घाटों पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने एडीएम कुंदन कुमार, पुल निगम के अभियंताओं और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बरारी गंगा घाट का निरीक्षण किया।
प्रशासनिक टीम ने जाह्नवी चौक की ओर एसपी सिंगला कैंप से करीब 200 मीटर दूर स्थित घाट का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नवगछिया एसपी वैभव कुमार और अनुमंडल पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सुबह 6 से शाम 6 बजे तक चलेगी फेरी
निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जहाजों का परिचालन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। शाम 5 बजे से जहाजों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य सेतु बंद रहने की अवधि में दोनों शहरों के बीच वैकल्पिक आवागमन को सुचारू बनाए रखना है।
जहाज के रास्ते में किसी तरह की समस्या या उसके फंसने की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ दल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रियों को तत्काल सहायता मिल सके।
घाटों पर सुरक्षा और सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी
फेरी सेवा के संचालन को लेकर गंगा घाटों पर आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है। इसी सिलसिले में सिटी एसपी अतुलेश झा नगर निगम कार्यालय पहुंचे और नगर आयुक्त के साथ बैठक की। बैठक में घाटों पर यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई।
विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद होने की सूचना लोगों तक पहुंचाने के लिए दोनों टीओपी पर सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। फेरी सेवा से संबंधित जानकारी के लिए बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार भी कराया जाएगा।
दैनिक समीक्षा की जिम्मेदारी डीडीसी को
प्रशासन ने व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी भी तय की है। उप विकास आयुक्त को सभी संबंधित पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कार्यों की दैनिक समीक्षा करने और प्रगति से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का दायित्व सौंपा गया है।
विक्रमशिला सेतु पर ट्रस ब्रिज का निर्माण पूरा होने तक गंगा की फेरी सेवा दोनों शहरों के बीच महत्वपूर्ण वैकल्पिक संपर्क के रूप में काम करेगी।
