23 सितंबर की रात पेड़ गिरने से उजड़ा घर, सात बच्चों समेत 10 सदस्य खुले आसमान के नीचे
नवगछिया। जयपुर चूहर पूरब (बलाहा) पंचायत के वार्ड नंबर 15 निवासी मो. अबसार का परिवार इन दिनों बेहद मुश्किल हालात से गुजर रहा है। 23 सितंबर की रात आए तेज तूफान के दौरान विशाल बड़हर का पेड़ उनके चदरे की छत वाले घर पर गिर गया। हादसे में घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। संयोग से परिवार के किसी सदस्य को गंभीर चोट नहीं लगी, लेकिन मकान रहने लायक नहीं बचा।
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घर उजड़ने के बाद अबसार की बूढ़ी मां, पत्नी और सात बच्चों समेत परिवार के 10 सदस्य सुरक्षित छत के लिए परेशान हैं। फिलहाल परिवार किसी तरह घर के ऊपर अस्थायी छत डालकर समय गुजार रहा है। बारिश और खराब मौसम के बीच परिवार की मुश्किलें और बढ़ गयी हैं।
आधी रात पेड़ गिरा और उजड़ गया आशियाना
परिजनों के अनुसार, 23 सितंबर की आधी रात परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। इसी दौरान तेज आवाज के साथ पास का एक बड़ा बड़हर का पेड़ मकान पर जा गिरा। पेड़ गिरने से घर की छत और ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

हादसे के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी समस्या रहने की हो गयी है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अबसार अपने स्तर से मकान की मरम्मत कराने की स्थिति में नहीं हैं।
दिव्यांग होने के बावजूद फेरी लगाकर चलाते हैं परिवार
मो. अबसार के पिता युनूस अली के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। अबसार खुद दिव्यांग हैं और इसके बावजूद गांव-गांव घूमकर फेरी लगाकर परिवार का खर्च चलाते हैं।
उनका कहना है कि फेरी से होने वाली सीमित आमदनी से परिवार के 10 सदस्यों का भरण-पोषण करना ही मुश्किल है। बच्चों और बुजुर्ग की जरूरतों के बाद घर की मरम्मत के लिए पैसे बचाना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मकान दोबारा बनाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
राशन कार्ड और पेंशन का लाभ नहीं मिलने का दावा
अबसार की पत्नी रवीना ने बताया कि परिवार में कुल 10 सदस्य हैं। परिवार की ओर से राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार आवेदन देने की बात कही गयी, लेकिन अभी तक इसका लाभ नहीं मिल सका है। उनका कहना है कि राशन कार्ड नहीं होने के कारण परिवार को जन वितरण प्रणाली से मिलने वाले अनाज का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
परिवार का आयुष्मान कार्ड भी नहीं बन पाया है। बीमारी की स्थिति में इलाज का खर्च उठाना परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है। वहीं, परिवार का कहना है कि दिव्यांग होने के बावजूद अबसार को दिव्यांगता पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। परिवार की बुजुर्ग महिला को वृद्धावस्था पेंशन मिलने की बात बतायी गयी है।
सीओ को दिया आवेदन, आपदा राहत की मांग
घर क्षतिग्रस्त होने के बाद अबसार ने नारायणपुर के अंचलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर घटना की जानकारी दी है। आवेदन के माध्यम से उन्होंने आपदा राहत के तहत सहायता और क्षतिग्रस्त मकान के लिए सरकारी मदद की मांग की है।
अब परिवार को प्रशासन से सहायता मिलने का इंतजार है। पीड़ित परिवार की मांग है कि घर की स्थिति का स्थल निरीक्षण कर उसे नियमानुसार आपदा राहत, आवास और पात्रता के आधार पर राशन, पेंशन तथा स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
स्थानीय स्तर पर भी लोगों ने प्रशासन से परिवार की स्थिति का संज्ञान लेकर जल्द सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। सात बच्चों, बुजुर्ग महिला और दिव्यांग कमाने वाले सदस्य वाले इस परिवार के लिए फिलहाल सबसे बड़ी जरूरत सुरक्षित छत और नियमित भोजन की है।
