बिहपुर। भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड के मरवा पूरब टोला स्थित दुर्गा मंदिर करीब 150 साल पुराना है। यह मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां सालभर मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति तथा खुशहाली की कामना करते हैं। वर्षों से चली आ रही पूजा-पद्धति और धार्मिक परंपराओं ने इस मंदिर को क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाई है।
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मंदिर के पुजारी पप्पू राय ने बताया कि इस दुर्गा मंदिर की स्थापना दुखा राय ने की थी। उनके द्वारा शुरू की गई पूजा-अर्चना की परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है। मंदिर की स्थापना से जुड़ी पुजारी परंपरा की तीसरी पीढ़ी अब पूजा-पाठ की जिम्मेदारी संभाल रही है। पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही इस परंपरा ने मंदिर की धार्मिक पहचान को बरकरार रखा है।
नवरात्र में दस दिनों तक होती है विशेष पूजा-अर्चना

शारदीय नवरात्र के दौरान मंदिर में दस दिनों तक मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन करते हैं और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद मांगते हैं। नवरात्र के दिनों में मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहता है। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मां दुर्गा की आराधना करते हैं।
पुजारी पप्पू राय के अनुसार, मंदिर में सालभर बलि देने की परंपरा भी चली आ रही है। दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मां दुर्गा से प्रार्थना करते हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह मंदिर केवल पूजा का स्थान ही नहीं, बल्कि उनकी आस्था और पारंपरिक संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र भी है।
ग्रामीणों के सहयोग से कायम है धार्मिक परंपरा
मंदिर की व्यवस्था बनाए रखने और धार्मिक आयोजनों को सफल बनाने में मंदिर कमेटी की अहम भूमिका है। अवध किशोर राय, मोहनानंद राय और श्यामसुंदर राय मंदिर की व्यवस्थाओं और आयोजनों की जिम्मेदारी संभालते हैं। ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर में पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक परंपराएं लगातार आगे बढ़ रही हैं।
करीब डेढ़ सौ वर्षों से आस्था का केंद्र बना यह दुर्गा मंदिर मरवा पूरब टोला की धार्मिक विरासत का प्रतीक है। बदलते समय के बावजूद यहां पूजा-अर्चना की परंपरा जारी है। श्रद्धालुओं का विश्वास और ग्रामीणों का सहयोग इस प्राचीन मंदिर की पहचान को आज भी जीवंत बनाए हुए है।
