नवगछिया। नवगछिया थाना क्षेत्र में फूड प्लाजा होटल के पास पल्सर और बुलेट मोटरसाइकिल के बीच हुई भीषण टक्कर में 22 वर्षीय डिलीवरी बॉय विशाल कुमार की मौत हो गई। हादसे ने तेतरी गांव के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। आठ साल पहले पति को खो चुकी मां गुंजा देवी के बुढ़ापे का सहारा भी अब उनसे छिन गया है। जवान बेटे का शव देखकर मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, परिवार के सामने अब भरण-पोषण और छोटे बेटे की पढ़ाई का संकट खड़ा हो गया है।
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डिलीवरी कर होटल लौट रहा था विशाल, फूड प्लाजा के पास हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, तेतरी गांव निवासी स्वर्गीय संजीव पोद्दार का पुत्र विशाल कुमार डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था। वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। घटना के दिन भी वह परबत्ता इलाके में सामान की डिलीवरी करने के बाद तेतरी जीरोमाइल स्थित होटल राज इन लौट रहा था।
इसी दौरान नवगछिया थाना क्षेत्र में फूड प्लाजा होटल के समीप उसकी पल्सर मोटरसाइकिल की सामने से आ रही बुलेट से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि विशाल सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई और आसपास के लोग मदद के लिए जुट गए।

पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, पूर्णिया ले जाने के दौरान तोड़ा दम
दुर्घटना के बाद गश्ती कर रही नवगछिया थाने की पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घायल विशाल को अनुमंडलीय अस्पताल नवगछिया पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया रेफर कर दिया गया।
परिजन उसे लेकर पूर्णिया जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही विशाल की सांसें थम गईं। जिस परिवार को उसके स्वस्थ होने की उम्मीद थी, वहां उसकी मौत की खबर पहुंचते ही मातम छा गया।
इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अनुमंडलीय अस्पताल नवगछिया में पोस्टमार्टम कराया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
आठ साल पहले पिता की मौत, अब बेटे की असमय विदाई
विशाल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। करीब आठ साल पहले बीमारी के कारण उसके पिता संजीव पोद्दार का निधन हो गया था। पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी धीरे-धीरे विशाल के कंधों पर आ गई थी। कम उम्र में ही उसने मेहनत-मजदूरी करके मां और छोटे भाई की जरूरतें पूरी करने का बीड़ा उठा लिया था।
विशाल की मां गुंजा देवी को बेटे से काफी उम्मीदें थीं। वह मेहनत करके परिवार को संभाल रहा था और अपने छोटे भाई-बहन के बेहतर भविष्य के सपने देख रहा था। लेकिन एक सड़क हादसे ने परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी। जिस बेटे को मां ने अपने जीवन का सहारा बनाया था, उसी का शव देखकर वह बदहवास हैं। घर में चीख-पुकार और परिजनों के आंसुओं से माहौल गमगीन हो गया है।
छोटे भाई की पढ़ाई और परिवार के भविष्य पर संकट
विशाल दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा भाई सोनू कुमार 11वीं कक्षा में पढ़ रहा है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी मुख्य रूप से विशाल ही संभाल रहा था।
बताया जाता है कि विशाल अपने छोटे भाई को पढ़ा-लिखाकर बेहतर भविष्य देना चाहता था। वह मेहनत करके उसकी पढ़ाई और घर की जरूरतें पूरी करने का सपना देख रहा था। अब उसकी असमय मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। छोटे भाई की पढ़ाई जारी रखना और घर का खर्च चलाना परिजनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
विशाल की मौत से तेतरी गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों और परिचितों के बीच इस हादसे की चर्चा है। परिवार के लिए यह क्षति ऐसी है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है।
तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की उठ रही मांग
नवगछिया और जीरोमाइल के आसपास सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता बनी हुई है। फूड प्लाजा के समीप हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की जरूरत को सामने ला दिया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर यातायात व्यवस्था की समीक्षा, वाहनों की गति पर नियंत्रण और नियमित पुलिस निगरानी जरूरी है। हालांकि, इस हादसे के सटीक कारणों और दोनों वाहनों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
एक ओर पुलिस दुर्घटना से जुड़े मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर विशाल की मौत से उसका परिवार गहरे सदमे में है। मां की आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं और परिवार के सामने अब भविष्य की अनिश्चितता खड़ी है। एक युवा की असमय मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
