गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले स्थित बरौली के सिकटिया और परसौनी के समीप जमीदारी बांध गंडक के दबाव की वजह से मंगलवार की देर रात ध्वस्त हो गया। इस रिंग बांध के टूटने के साथ ही सारण मुख्य बांध पर गंडक का दबाव बढ़ गया है। जिसकी वजह से सारण बांध में कटाव तेज हो गया है।
कटाव को रोकने के लिए जलसंसाधन विभाग की टीम के अलावा डीएम राहुल कुमार, एसपी रविरंजन कुमार, पूर्व विधायक व जदयू प्रदेश महासचिव मंजीत सिंह, बैकुंठपुर के बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी सैकड़ों की संख्या में लोग बांध पर पहुचकर बांध को टूटने से रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं।


बता दें कि रिंग बांध के टूटते ही सारण बांध के अन्दर बसे करीब आधा दर्जन पंचायतों के सैकड़ों गावों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। जो बांध के बाहर बसे हुए हैं। वे भी बांध की टूटने की आशंका से अपने घरों को छोड़ रहे हैं। वे बांध पर शरण लिए हुए हैं।
वहीं, डीएम राहुल कुमार और एसपी रविरंजन जैसे ही आज बुधवार को तड़के अपने हाथों में बालू भरे बोरे को लेकर बांध की मरम्मती में जुटे हैं। वैसे ही बांध पर मौजूद सैकड़ों लोग भी बांध के बचाव कार्य में जुट गए हैं।
जदयू प्रदेश महासचिव व पूर्व विधायक मंजीत सिंह के मुताबिक इस समय सबसे ज्यादा जरूरी सारण बांध को बचाना है। अगर यह बांध टूटेगा तो गोपालगंज के अलावा छपरा और सिवान सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।
जलसंसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता मुरलीधरण सिंह के मुताबिक अभी बांध पर करीब 50 मीटर तक कटाव हुए है। बांध को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। अधीक्षण अभियंता का दावा है कि इस बांध हर हाल में बचा लिया जाएगा।

