नवगछिया : नवगछिया की राजनीति में अब जवां दिलों का राज हो गया है। पुराने चेहरे की चमक फीकी हो चुकी है। सियासत के नए खिलाड़ी राजनीति की नई पारी खेलने को मैदान में उतर चुके हैं। कभी यह इलाका कदृदावार नेताओं के कारण सूबे में जाना जाता था। अब सियासत की नई पौध फिर से खिलखिलाने लगी है।
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शहर की सियासत में मुकेश राणा जहां कमल के सहारे खिल रहे हैं वहीं विद्यार्थी परिषद से भाजयुमो के कैप्टन बने अजय सिंह भी अब सियासत का ककहरा पढ़ने लगे हैं। इस्माइलपुर के जिला परिषद सदस्य विपिन मंडल भी अपनी जाति के अलावा अब अपना कदम संभल- संभल कर बढ़ा रहे हैं। अपनी पत्नी चंपा देवी को नवगछिया नगर पंचायत का पार्षद बनाकर मुकेश ने शहरी क्षे़त्र में अपनी मजबूत होती पकड़ का अहसास कराया है।

वर्तमान समय में भाजपा के जिलाध्यक्ष की कमान भी युवा विनोद मंडल के हाथ है। खरीक क्षे़़त्र के जिला परिषद सदस्य गौरव राय भी कांग्रेस के सहारे युवाओं में अपनी पकड़ बना रहे हैं। खरीक के तेलघी निवासी अरूण यादव जहां राजद में प्रदेश स्तर पर छाए हुए हैं वहीं तेलघी निवासी बिहपुर केे पूर्व विधायक ईं़ शैलेंद्र भी क्षे़़त्र में दिन-रात एक किए हुए हैं।
वे भी युवाओं के बीच काफी सक्रिय हैं। खरीक के कठेला गांव की रहने वाली जिला परिषद सदस्य कुमकुम देवी एवं समाजसेवा में कूद चुके गगन चैधरी भी राजनीति में पूरी तरह से पसीना बहा इलाके में अपनी खास पहचान बनाने में कामयाब हो रहे हैं। कभी मणिराम गुरूजी, प्रभूदा, सीताराम आजाद, ज्ञानेश्वर यादव, मदन सिंह रामशरण यादव, राजेंद्र शर्मा, डाॅ आरॅकेराणा, अनिल यादव इस इलाके में विभिन्न दलों के जरिए अपनी राजनीति का जलवा बिखेड़ते थे।

