नवगछिया : सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड में बिहपुर और पीरपैंती बाल विकास परियोजना के खाते संचालित थे। सृजन में खातों को बंद करने का निर्देश 2008 के मार्च में दे दिया गया था। बावजूद पीरपैंती का खाता 5.10.2014 तक संचालित रहा। बंद होने के समय इस खाते में 2313 रुपये जमा थी। वहीं बिहपुर का खाता 17.3.2009 को बंद हुआ। बंद होने के समय इसमें कोई राशि नहीं थी।
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खातों व रोकड़ बही की जांच में इसका खुलासा हुआ है। बुधवार को खातों की जांच रिपोर्ट देने के लिए सभी सीओ, बीडीओ व सीडीपीओ सहित जिला स्तर के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में जिन विभागों ने निर्धारित फार्मेट में रिपोर्ट जमा नहीं किया, उन्हें शीघ्र जमा करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने सभी को शीघ्र रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

अब तक की जांच में आधा दर्जन से अधिक प्रखंडों के खाते से अवैध निकासी की जानकारी मिल रही है। जिनमें कहलगांव, पीरपैंती, जगदीशपुर, सन्हौला, नवगछिया व गोपालपुर में गड़बड़ी होने की सूचना है। इन प्रखंडों के खाते बैंक ऑफ बड़ौदा में हैं। वैसे प्रखंडों के खाते से निकाली गई राशि जमा भी कर दी गई है।
बैठक में इस्माइलपुर, खरीक व नारायणपुर बीडीओ ने सृजन में खाता नहीं होने का प्रमाण दिया है। नवगछिया, नारायणपुर, खरीक, बिहपुर, शाहकुंड, गोपालपुर अंचल के खाते सृजन में नहीं मिले। बाल विकास परियोजना के शाहकुंड, गोराडीह व सन्हौला में खाते नहीं हैं। जिला स्तर के कार्यालयों में शिक्षा के सभी विभाग, सदर एसडीओ, योजना, डीटीओ, आइसीडीएस, आपूर्ति, कुष्ठ निवारण, कहलगांव डीसीएलआर में सृजन के खाते नहीं थे। सहकारिता, एनएच व मत्स्य ने विहित प्रपत्र में रिपोर्ट नहीं जमा किया है।

