नवगछिया : परबत्ता थाना क्षेत्र की 14 नंबर सड़क पर कलबलिया धार के पास एशियन पेंट लदे पिकअप वैन लूट और चालक रवि कुमार की हत्या मामले का खुलासा कर दिया है। नवगछिया पुलिस ने चार लुटेरों को गिरफ्तार कर लुटे हुए सामान को भी बरामद कर लिया है। सभी लुटेरे कम उम्र के हैं। पुलिस ने अपराधियों के पास से एक उजली स्कॉर्पियो, दो मोबाइल, चाबी का गुच्छा भी बरामद किया है। ये बातें एसपी पंकज सिन्हा ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में कहीं।
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उन्होंने कहा कि 13 अक्टूबर को हुई लूट और हत्या के मामले में एसडीपीओ मुकुल कुमार रंजन के नेतृत्व में परबत्ता थानाध्यक्ष शिव कुमार यादव, इस्माइलपुर थानाध्यक्ष सन्तोष कुमार, जीरोमाइल भागलपुर थानाध्यक्ष रंजन कुमार की टीम ने लुटेरों की गिरफ्तारी के साथ लुटे हुए सामान को भी बरामद किया है।
10 अपराधियों ने घटना को दिया अंजाम

एसपी ने कहा कि 10 अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया था। 13 अक्टूबर की रात में एकाएक डकैती की योजना बनाकर दो हजार रुपये में विनोद कुमार की स्कॉर्पियो भाड़े पर भागलपुर से नवगछिया के लिए ली। मालिक द्वारा मना करने के बाद भी चालक विनोद तैयार हो गया। सभी 10 अपराधी तेतरी आकर रुके और वाहन लूटने के लिए वाहन का इंतजार करने लगे। इसी बीच भागलपुर से कटिहार के लिए चार लाख का एशियन पेंट लेकर चालक रवि गुजरा। अपराधियों ने स्कॉर्पियो से ओवरटेक कर कलबलिया नदी के पास गाड़ी को रोका और उसमें चढ़ कर लुटेरों ने चालक का हाथ-पैर बांध कर जमुनिया की ओर 14 नंबर सड़क पर ले गये। वहां चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी।

सभी लुटेरे भागलपुर के निवासी
अक्षय कुमार 18 वर्ष, पिता स्व. मुन्ना मण्डल, मिथुन कुमार पिता परमेस्वरी मण्डल, सोनू कुमार पिता रामवरण पण्डित और स्कॉर्पियो चालक विनोद कुमार पिता स्व. गुलाबी मण्डल, (सभी मीराचक भागलपुर निवासी) है।
साहिबगंज में टायर हुआ पंचर
गाड़ी के कटिहार नहीं पहुचने और 14 अक्टूबर की सुबह अखबार में फोटो छपने के बाद परिजनों ने परबत्ता पुलिस से संपर्क किया। वहीं हत्या के बाद अपराधी सामान लदा पिकअप वैन लेकर साहिबगंज के रास्ते बंगाल जा रहे थे। रास्ते में गाड़ी पंचर हो गयी। टायर पंक्चर होने के बाद अपराधी जल्दी-जल्दी समान गाड़ी से उतारने लगे। सामान उतारते देख किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने गाड़ी को थाना लाकर पूछताछ की और कागजात देखी तो शक हुआ। नवगछिया पुलिस से सम्पर्क किया। जहां गाड़ी रुकी थी वहां की एक महिला को बुलाया गया तो पूछताछ में उसने एक का नाम अक्षय बताया जो उसका भतीजा था। दो अन्य अपराधियों ने पुलिस को अपना गलत नाम बताया था। अक्षय की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी हुई।
भागलपुर से दो लुटेरे कर रहे थे मॉनिटरिंग
एसपी ने कहा कि अभी छह अपराधियों की गिरफ्तारी बाकी है, भौतिक रूप से घटनास्थल पर थे उसकी पहचान हो गयी है। सकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। अक्षय, विनोद और मिथुन का आपराधिक इतिहास है। लूटे हुए सामान को बेचने का जिम्मा अक्षय का ही था।
पुलिस हिरासत से नहीं भागे अपराधी
एसपी ने कहा कि पुलिस हिरासत से अपराधी नहीं भागे हैं। अपराधियो ने अपना नाम ही गलत लिखा दिया था।
खुलेगा पिकेट, जमीन की तलाश शुरू
एसपी ने कहा कि तेतरी में पुलिस पिकेट खोलने के लिए जमीन खोजी जा रही है। सरकारी जमीन मिलेगी तो खुलेगा पिकेट।
