चित्रगुप्त पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के यम द्वितीया पर की जाती है। इसके लिए शहर के कई इलाकों में विशेष तैयारियां की गई हैं। शहर भर में छह से आठ जगहों पर सार्वजनिक रूप से चित्रगुप्त पूजा की जाएगी।
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चित्रगुप्त पूजा के कई स्थान तो ऐसे हैं जहां करीब 50 सालों से यह पूजा की जाती है। चित्रगुप्त पूजा भागलपुर में कहां से शुरू हुआ इसे लेकर लोगों में भ्रम है। स्थानीय लोगों का मानना है कि छत्रपति तालाब के पास ही यह पूजा शुरू की गई थी। यह पूजा यहां कबसे हो रही है इसकी सही जानकारी लोगों को नहीं है।

इसके अलावा मानिकपुर में करीब 20 से अधिक परिवार मिलकर काफी धूमधाम से चित्रगुप्त की पूजा करते हैं। नयाचक में 40 से 50 कायस्थ परिवार चित्रगुप्त की पूजा करते हैं। यहां गैर कायस्थ भी बढ़चढ़ कर पूजा में हिस्सा लेते हैं। इसके अलावा इशाकचक, सिंकदरपुर तथा जोगसर आदि जगहों पर यह पूजा की जाती है। सभी जगहों पर शनिवार को ही भगवान चित्रगुप्त महाराज जी की मूर्ति स्थापित होगी। कायस्थ समाज के लोग उनके वंशज माने जाने वाले चित्रगुप्त जी महाराज की पूजा करते हैं। पूजा में लोग इस साल के आय और व्यय का ब्यौरा देकर और अधिक अर्जन और सुख शांति की कामना करते हैं।

