राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग के सदस्य डॉ. योगेंद्र पासवान ने कहा है कि झंडापुर की घटना में पुलिस ने कार्रवाई में देर की है। घटना के काफी दिनों के बाद चार लोगों की गिरफ्तारी हुई तथा अभी भी चार अन्य लोग फरार हैं। आयोग ने पुलिस प्रशासन से शेष चार को शीघ्र गिरफ्तार करने में तेजी लाने का निर्देश दिया है। आयोग ने कहा है कि दोषियों को स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलाई जाएगी।
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शनिवार को आयोग के सदस्य झंडापुर से लौटने के बाद परिसदन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। परिसदन में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ. पासवान ने पीड़ित परिवार के दोनों पुत्रों संतोष कुमार और अकिलेश कुमार को मुआवजा का स्वीकृत आदेश दिया।
पीड़ित परिवार को सात निश्चय योजना का लाभ दिलाने का भी निर्देश दिया गया है। इनके खाते में आरटीजीएस के माध्यम से मुआवजे की राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आयोग घटना की विस्तृत जानकारी ले रहा है। झंडापुर में पीड़ित परिवार के दोनों भाइयों की सुरक्षा में अंगरक्षक मिले हैं। उन्होंने माना कि अपराधियों की गिरफ्तारी में विलंब हुआ है। आयोग ने इस घटना की निंदा की है। अपराधियों ने परिवार के तीन सदस्यों की निर्ममतापूर्वक हत्या की है।

उन्होंने कहा कि घटना को लेकर आयोग गंभीर है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनन कार्रवाई होगी। कहा कि परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे पीड़ित लड़की बिंदी से मिलने पीएमसीएच गए थे। शनिवार को बिहार-झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय पटना के क्षेत्रीय निदेशक संजय कुमार सिंह और अनुसंधान अधिकारी सुनील कुमार थे। झंडापुर की जांच में जिला कल्याण पदाधिकारी सुनील कुमार शर्मा भी थे।
इसके पूर्व जिला कल्याण पदाधिकारी ने कहा कि बालिग संतोष कुमार, नाबालिग अखिलेश कुमार और पीड़िता बिंदी कुमारी के नाम से कुल 12 लाख 37 हजार 500 रुपये मुआवजा राशि की स्वीकृति दी गई है। अखिलेश कुमार व बिंदी के साथ संयुक्त खाता डीएम के नाम से खोला जाएगा। पीड़िता को अलग से दो लाख रुपये की भी सहायता मिलेगी। अभी एक लाख रुपये खाते की सहायता मिलेगी। चार्जशीट दायर होने के बाद मुआवजे की शेष राशि का भी भुगतान हो जाएगा। इन तीनों भाई-बहनों को पेंशन की राशि 3933 प्रति व्यक्ति हर माह दी जाएगी। नाबालिग की राय से आवासीय विद्यालय में पढ़ने की भी व्यवस्था की जाएगी।

