स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से चार लाख रुपये तक का ऋण लेने वाले विद्यार्थियों को सरकार कर्ज वापसी के लिए साढ़े सात साल का समय देगी। दो लाख रुपये तक का कर्ज चुकाने के लिए विद्यार्थियों के पास पांच साल का समय होगा। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के संशोधित प्रारूप में इस बात का उल्लेख किया गया है। शिक्षा विभाग ने योजना का संशोधित प्रारुप वित्त विभाग को सौंप दिया है। जिस पर विभाग ने मंथन प्रारंभ कर दिया है। वित्त विभाग की सहमति के बाद प्रस्ताव मंत्रिमंडल के विचारार्थ भेजा जाएगा।

स्थगित रहेगी ऋण वसूली

स्पष्ट किया गया है कि कर्ज लेने वाले विद्यार्थियों पर इसकी वापसी का कोई दबाव नहीं होगा। पढ़ाई पूरी करने के एक वर्ष बाद तक की मियाद मॉरीटोरियम अवधि मानी जाएगी। इस दौरान तो कर्ज नहीं ही वसूला जाएगा। इसके साथ ही जब तक कर्जधारक विद्यार्थी को जब तक नौकरी नहीं मिल जाती या वह कोई स्वरोजगार प्रारंभ नहीं करता ऋण की वसूली स्थगित रहेगी।

कर्जधारक शपथ पत्र देना होगा

वित्त विभाग के सूत्रों ने बताया कि ऋण वसूली स्थगन के दौरान ऋण लेने वाले विद्यार्थियों को प्रत्येक वर्ष जून और दिसंबर महीने के अंतिम पखवारे में जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) में एक शपथ पत्र देना होगा। जिसमें बताना होगा कि आवेदक अब तक बेरोजगार है।

पीडीआर एक्ट के तहत कार्रवाई

स्टूडेंट कार्ड योजना में ऋण वसूली के लिए जो प्रावधान किए गए हैं उसके तहत आवेदक यदि डिफॉल्टर होते हैं, तो वैसी स्थिति में ऋण के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थी और उनके सह आवेदक पर पीडीआर (पब्लिक डिमांड रिकवरी) एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

ऋण माफी पर भी हो रहा विचार

ऋण के लिए बैंक के स्थान पर वित्त निगम की स्थापना होने का बड़ा फायदा है। सरकार कानून में यह प्रावधान भी करने पर विचार कर रही है कि यदि ऋण लेने वाले किसी विशेष परिस्थिति में ऋण वापस करने में सक्षम नहीं हो पाते हैं तो ऐसी स्थिति में उनकी ऋण माफी पर भी सरकार विचार करेगी। स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी हाल में इस ओर इशारा किया है कि सरकार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से ऋण लेने वाले के कर्ज माफ भी कर सकती है।

दिक्कत पर कॉल सेंटर में करें फोन

वित्त निगम के माध्यम से शिक्षा ऋण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को यदि किसी प्रकार की कठिनाई होती है तो आवेदक टॉल फ्री नंबर 18003456444 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इतना ही नहीं आवेदन प्रक्रिया जानने-समझने या ऋण से जुड़ी कोई अन्य जानकारी के लिए भी आवेदक टॉल फ्री नंबर पर फोन कर सकेंगे।

स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट करेगा मॉनीटरिंग

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की मॉनीटरिंग का जिम्मा सरकार ने शिक्षा विभाग के अधीन काम करने वाली स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट को सौंपा है। यूनिट योजना के कार्यान्वयन के साथ ही इसके प्रभावी अनुश्रवण के लिए जिम्मेवार होगी। जिलों में डीएम योजना की मासिक समीक्षा करेंगे और रिपोर्ट जिले के प्रभारी मंत्री को भेजेंगे।

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By न्यूज़ डेस्क

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