नवगछिया : रंगरा सहायक थाना क्षेत्र के भवानीपुर निवासी पंसस पति कुमोदी यादव ने पुलिस पूछ ताछ में कई राज उलगे हैं. कुमोदी ने अपने समकक्ष खड़े हुए नये गिरोह की ताकत और उंची पहुंच और नवगछिया में उसके प्रभाव का भी खुलासा किया है. सूत्र बताते हैं कि कुमोदी के विरोधियों की गतिविधि इस कदर बढ़ गयी थी कि कुमोदी खुद को असुरक्षित महसूस करने लगा था. उसकी जान को खतरा था. सूत्र बता रहें हैं कि पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद कुमोदी और उसके समर्थकों ने राहत की सांस ली है.
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,, सूत्र बता रहे हैं कुमोदी को विरोधियों से था खतरा
,, अगर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ता कुमोदी तो विरोधी उसे छोड़ते नहीं
,, नवगछिया और आस पास के इलाके में खड़ा हो चुका है एक नया गैंगेस्टर
मालूम हो कि विनोद यादव की हत्या के बाद नवगछिया के आंतरिक अपराध की दुनियां दो पाटों में बंट गयी है. इन दिनों एक गुट दूसरे गुट की अपेक्षा अधिक प्रभावशाली और ताकतवर हो गया है. जबकि दूसरे गुट के अधिकांश सदस्य जेल में हैं. ऐसी स्थिति में कमजोर गुट का प्रतिनिधित्व कुमोदी के हाथ था. यही कारण रहा कि कुमोदी नवगछिया पुलिस जिले से दूर कटिहार के बक्कीकोल गांव स्थित अपने ससुराल में रहना ज्यादा सुरक्षित महसूस करता था.

जानकारी मिली है कि पिछले दिनों गोलीबारी में कुमोदी के घायल होने की बात का भी खुलासा किया है. कुमोदी ने कहा कि गोली उसे लगी तो नहीं थी लेकिन बारूद के छिंटे उसे जरूर पड़े थे. उसने मौके से किसी तरह भाग कर अपनी जान बचायी थी. कुमोदी का कहना है कि उसके गिरोह का सामना उसके चिरप्रतिद्वंदी गिरोह के सदस्यों से ही हुई थी. इसके बाद वह बहुत की अलर्ट रहने लगा था और अपने हाथ पांव भी समेट लिये थे

