नवगछिया : नवगछिया को पूर्ण राजस्व जिला घोषित किए जाने की मांग को लेकर सोमवार को एनडीए गठबंधन के शिष्टमंडल ने नवगछिया एसडीओ मुकेश कुमार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम से ज्ञापन सौंपा. शिष्टमंडल में आप ने दिए आवेदन में बताया है कि वर्ष 2010 से स्थानीय अधिवक्ताओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक बुद्धिजीवियों द्वारा नवगछिया को पूर्ण जिला घोषित किए जाने की मांग की जा रही है. इस संदर्भ में शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन के तहत भी पूर्ण जिला का दर्जा दिए जाने की मांग किया जा रहा है.
उन्होंने बताया है कि गंगा कोसी नदी के बीच अवस्थित 71 पंचायत, सात प्रखंड वाला नवगछिया वर्ष 1972 में अनुमंडल बना था. बढते अपराध को देखते हुए वर्ष 1993 में नवगछिया को पुलिस जिला का दर्जा दिया गया था. इसके अलावा पिछड़ा इलाका होने के कारण बढ़ते अपराध एवं मुकदमे की संख्या को देखते हुए उच्च न्यायालय पटना के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नवगछिया सिविल कोर्ट में पांच अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अलावा तीन सबजज, मुंसिफ एवं प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के साथ-साथ जिला जज का सर्किट कोर्ट की व्यवस्था नवगछिया में की गई है.

पूर्ण प्रशासनिक जिला नहीं होने के कारण यहां के लोगों को भागलपुर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है. विक्रमशिला पुल पर हमेशा जाम की स्थिति बनी होने के कारण यहां के लोगों को घोर परेशानियों का सामना करना पड़ता है. प्रशासनिक जिला पूर्ण नहीं होने के कारण नवगछिया का विकास कार्य भी बाधित हो रहा है. प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से नवगछिया को पूर्ण जिला का दर्जा बनाने की मांग करते हुए कहा कि नवगछिया को पूर्ण जिला बनने के बाद नवगछिया का बहुमुखी विकास होगा और यहां के लोगों को काफी सहूलियत होगी.
इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष विनोद मंडल, जदयू जिलाध्यक्ष चंदेश्वरी प्रसाद सिंह, नवगछिया बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र नारायण मिश्र, जिला निर्माण समिति के संयोजक सत्येंद्र नारायण चौधरी कौशल, नगर अध्यक्ष प्रीती कुमारी, शिवनाथ सिंह, सुभाष चन्द्र वर्मा, बबीता वर्मा, चंद्रगुप्त साह, सहित अन्य शामिल थे.


