ढोलबज्जा: सोमवार के दिन नवगछिया बीएओ अनिल कुमार ने ढोलबज्जा के विभिन्न गांव में पहुंच-पहुंच कर, बर्बाद हुए केले की फसलों का जांच किया. इससे पूर्व सभी किसानो के साथ कृषि पदाधिकारी श्री कुमार ने पंचायत भवन ढोलबज्जा में बैठक कर उनके समस्याओं को सुना. जहां किसान 18 जनवरी की रात आंधी बारिश में बर्बाद हुए केले की फसलों का मुआवजा देने की मांग कर रहे थे. जिसमें नीज व लीज पर जमीन लेकर खेती करने वाले सभी किसान शामिल थे.
उसके बाद सभी किसानों के साथ कृषि पदाधिकारी ने ढोलबज्जा पंचायत के धोबिनिया पश्चिमी, गरैया, मिल्की व भगवानपुर के खेतों में जा-जाकर बर्बाद हुए केले की फसलों का सर्वेक्षण किया. वहीं सर्वेक्षण के दौरान तीन जिलों की सीमाओं को लेकर समस्याएं देखने को मिला. बताते चलें की ढोलबज्जा को भागलपुर मधेपुरा व पूर्णिया तीनों जिले की सीमा छुती है.

जिसमें कुछ किसानों का निवास भागलपुर जिले में तो है पर उनका खेती मधेपुरा है पूर्णिया जिले में पड़ जाता है. जिसको लेकर सर्वेक्षण का कार्य अधूरा रह गया. जिसपर कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार ने कहा- जिस किसानों का घर भागलपुर जिला अंतर्गत पड़ता है और उसका खेती मधेपुरा या पूर्णिया जिले में है तो ऐसे किसान मधेपुरा के चौसा व पूर्णिया के रुपाली प्रखंड कृषि प्राधिकारियों के द्वारा बर्बाद हुए केले की फसलों का अनुशंसा कराने के बाद आवेदन लिया जाएगा.
वहीं लीज पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसानों से पट्टा लिया जाएगा. साथ ही उन्होंने बताया- खैरपुर कदवा पंचायत में सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो गया है. जहां करीब 43 एकड़ केले की फसल क्षतिग्रस्त हुए हैं. उधर ढोलबज्जा पंचायत में करीब 85.3 एकड़ क्षतिग्रस्त फसलों का आकलन किया गया. जहां दो दिन में सर्वेक्षण का कार्य समाप्त हो जाएगा.
साथ में कृषि समन्वयक प्रेम कुमार सिंह, मुखिया राजकुमार मंडल उर्फ मुन्ना, सीआरसी निरंजन कुमार, किसान सलाहकार बालमुकुंद मंडल, भूतपूर्व मुखिया यच्युतानंद मंडल, ढोलबज्जा थानेदार राम विचार सिंह, सरपंच मुरारी कुमार भारती, किसान रामनारायण यादव, शैलेश कुमार, मनोज मंडल, गंगाधर, चंदन, चक्रान व विनोद यादव के साथ दर्जनों किसान मौजूद थे.


