नवगछिया : विक्रमशिला सेतु पहुंच पथ पर परबत्ता थाना क्षेत्र के जगतपुर के पास हुए सड़क दुर्घटना में मारे गये बद्री दास रंगरा के मुरली गांव में एक शादी समारोह में बैंड बजाने जा रहा था. लेकिन वह रास्ते में ही भगवान का प्यारा हो गया. घटना की सूचना मिलते ही बद्री के परिजन नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल शनिवार को सुबह ही पहुंच गए थे. शव का पोस्टमार्टम नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में होने के बाद पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया. परिजनों ने बताया कि मृतक बद्री दास बैंड पार्टी में काम करता था. शुक्रवार को वह बैंड पार्टी की बुकिंग में झारखंड के परहरिया गया हुआ था.
जहां लड़के की शादी में बैंड बाजा बजाने के बाद वहां से बरात के साथ टेंपो से रंगरा ओपी के मुरली गांव के लिए संध्या समय प्रस्थान किया था. टेंपो पर उनके साथ बैंड में काम करने वाले अन्य लोग भी उसी पर सवार थे. बारात आगे निकल गई थी और वह टेंपो से पीछे से बैंड पार्टी के सभी सहयोगियों के साथ मुरली के लिए चला था. विक्रमशीला पुल पहुच पथ के जगतपुर टेक्नो मिशन स्कूल के पास पहुंचने पर टेंपो का चालक अनियंत्रित हो गया और टेंपो खाई में पलट गई.

दुर्घटना मेंटेंपो पर सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हुए एवं बद्री दास की मौत हो गई. बद्री दास के मौत के बाद उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. बद्री की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बद्री के दो पुत्र मणिकांत दास एवं राजकुमार दास एवं तीन पुत्री है.
तीन पुत्री में उन्होंने दो की शादी कर दी थी जबकि एक पुत्री की शादी की जिम्मेदारी बद्री पर थी. बद्री की मौत से उनकी पत्नी कमली देवी नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में पति के शव पर दहाड़ मारकर रो रही थी.
वह अपने पति शव को झकझोर कर कह रही थी कि अब उनकी पुत्री का शादी कौन कराएगा. कौन उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा. कमली देवी बार बार रो रही थी. उस वक्त नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गई थी.


