सदी के सबसे लंबे चंद्रग्रहण की दुनिया साक्षी बनी। देर रात करीब 11.54 बजे पर चंद्रमा पर ग्रहण का स्पर्श हुआ। हालांकि पटना में बादल छाये रहने से चंद्रग्रहण नहीं दिख सका। इधर, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, स्पर्श के लगभग दो घंटे बाद चंद्रमा पर पूरी तरह से ग्रहण लगता दिखा। जिन जगहों में आसमान साफ रहा वहां अलौकिक व विहंगम नजारा रहा। चांद पूरी तरह लाल दिखने लगा था।
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लोग इस अविस्मरणीय नजारे को देखने घर की छतों और अपार्टमेंटों के ऊपर आधी रात के बाद तक बैठे रहे। ग्रहण 3 घंटे 55 मिनट तक रहा। चंद्रमा पर 104 वर्ष के बाद इतना लंबा ग्रहण लगा। ज्योतिषाचार्य पीके युग के अनुसार मकर राशि में चंद्रग्रहण लगा है।

चंद्रग्रहण को लेकर सूतक करीब नौ घंटे पहले ही लग गया था। इसके चलते दोपहर से ही शहर के तमाम मंदिरों के पट बंद होने लगे। दरअसल ग्रहण के सूतक काल से पूजा-पाठ बंद कर दिया जाता है। इस दौरान मूर्ति का स्पर्श नहीं किया जाता है। ग्रहण खत्म होने के बाद सैकड़ों लोग गंगा में स्नान को पहुंचे।

