जीरोमाइल से इंजीनियरिंग कॉलेज और सबौर से कहलगांव के बीच एनएच को मोटरेबल करने के काम की कमिश्नर राजेश कुमार लगातार निगरानी कर रहे हैं। रविवार को कमिश्नर के निर्देश पर कहलगांव के एसडीओ सुजय कुमार सिंह ने कहलगांव की ओर से भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज होते हुए जीरोमाइल तक एनएच को मोटरेबल करने के काम की जांच की। एसडीओ ने पाया कि घोघा, ममलखा, बाबूपुर मोड़ और इंजीनियरिंग कॉलेज के पास मोटरेबल करने का काम चल रहा है। इसकी फोटोग्राफी करायी गयी है। काम की गति अच्छी है। हालांकि इंजीनियरिंग कॉलेज गेट के पास अब भी अच्छे तरीके से गड्ढे नहीं भरे जा सके हैं। कमिश्नर राजेश कुमार ने बताया कि छोटे-छोटे गड्ढे भर दिए गए हैं। काम चल रहा है। तीन दिनों के अंदर एनएच मोटरेबल हो जाएगा। बारिश का मौसम खत्म होने के बाद मानक के मुताबिक सड़क बनेगी। दूसरी तरफ एनएच के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर द्वारा एनएच निर्माण की गलत रिपोर्ट देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की भी तैयारी चल रही है।

पांच दिन से एनएच को चलने लायक बनाने की दिशा में कमिश्नर गंभीर दिख रहे हैं। इस मसले पर उन्होंने बैठक कर इंजीनियर को आवश्यक निर्देश दिए। उसके अगले दिन वह खुद एनएच का निरीक्षण करने पहुंच गए। इसके बाद एनएच निर्माण को लेकर इंजीनियर व ठेकेदार की लापरवाही सामने आई। फिर उनकी पहल पर सदर एसडीओ एनएच के मोटरेबल करने के काम की जांच करने पहुंचे। उस दौरान भी काम की गति धीमी पाई गई। इसके बाद जब कमिश्नर सख्त हुए तो काम में थोड़ी तेजी आई। फिर शनिवार को डीएम प्रणव कुमार भी हालत देखने पहुंचे। अब कहलगांव के एसडीओ को जांच करने के निर्देश दिए।

एनएच के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पर गलत रिपोर्ट के कारण कार्रवाई की चल रही तैयारी

एग्जीक्यूटिव इंजीनियर का वादा झूठा साबित

जीरोमाइल से इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच मुंगेर के ठेकेदार निरंजन शर्मा तो दूसरे भाग में इंजीनियरिंग कॉलेज से सबौर के आगे पलक इंफ्रा काम कर रहा है। इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने बीते शनिवार को प्रदर्शन किया था तो उस दौरान एनएच के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राजकुमार ने उनलोगों से वादा किया था कि सप्ताहभर सड़क को मोटरेबल कर दिया जाएगा। लेकिन समय सीमा खत्म होने के बाद भी अब तक काम पूरा नहीं हो सका है। यानी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर का वादा झूठा निकला। अगर सही समय पर कमिश्नर इस मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं हुए होते तो इतना काम भी नहीं हो पाता।

बारिश में फिर से गड्ढे होने की आशंका

जिस तरह से बारिश हो रही है उससे आशंका है कि गड्ढों की हालत दो-तीन दिन के अंदर पहले जैसी न हो जाए। कारण यह है कि उन गड्ढों को स्टोन डस्ट और पत्थर डालकर भरे जा रहे हैं। बारिश में स्टोन डस्ट बह जाने से वहां की स्थिति खतरनाक बन जाएगी। हालांकि डीएम ने इंजीनियर व ठेकेदार से पहले ही कहा कि सड़क किनारे मटेरियल गिराकर रखें, ताकि अगर बारिश में फिर से गड्ढे हो जाए तो उसे तुरंत भरा जा सके। लेकिन अब तक ठेकेदार ने मटेरियल को न तो गिरा कर रखा है और न ही स्टोर किया है।

कमिश्नर के निर्देश के बाद रविवार को एनएच के काम का निरीक्षण करते कहलगांव के एसडीओ सुजय सिंह।

नई सतह बने तो रोड में आएगी स्ट्रेंथ

ठेकेदार सड़क निर्माण में केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। रोड में कंपैक्शन होना बहुत जरूरी है। रोड पर पानी का अंश ज्यादा होने के कारण बिटुमेनस के क्वालिटी पर असर होता है। ठेकेदार रोड को उखाड़कर उस सतह को वहां से हटा कर वह वहां दूसरा स्टोन, एग्रीगेट और साइल का यूज करें तो रोड में स्ट्रेंथ आएगा। रोड का सब बेस ही रोड के लाइफ को बढ़ाता है। थिकनेस को भी बढ़ाने की जरूरत है। क्योंकि ऐसा देखा जा रहा है की रोड के किनारे वाले साइड में ज्यादा स्टोन यूज हो रहा। जबकि यहां प्योर एग्रीगेट की जरूरत है। रोड का पेवमेंट वर्क हर 10 साल बाद होना जरूरी है। पेवमेंट वर्क के लिए ठेकेदार को आईआरसी-57 और आईआरसी-48 का हेल्प लेना चाहिए। रोड को स्टोन और मेटेरियल्स के साथ प्रॉपर प्रोविजन एंड एडीक्वेट मेनटेन करना जरूरी है।

डीएम ऑफिस के सामने भी एनएच के भरे जाएंगे गड्ढे

डीएम ऑफिस के ठीक सामने बड़ी पोस्ट ऑफिस की ओर जानेवाले एनएच भी पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। डीएम ऑफिस के सामने की सड़क हालत ऐसी है कि करीब 25 मीटर की लंबाई और पांच मीटर चौड़ाई में दो फीट भी एनएच चलने लायक नहीं है। इससे ई-रिक्शा से लेकर बाइकों के पलटने का खतरा बना रहता है। इसलिए वहां भी गड्ढे भरकर सड़क को मोटरेबल बनाना जरूरी है। हालांकि इसको लेकर सदर एसडीओ आशीष नारायण ने बताया कि इस संबंध में एनएच के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से बात करेंगे और सड़क को भी मोटरेबल करने का अनुरोध करेंगे।

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By न्यूज़ डेस्क

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