शाहकुंड पुलिस ने पचास हजार रुपये रिश्वत नहीं देने पर शाहकुंड बाजार के एक व्यवसायी रमेश कुमार सिंह के मलद्वार में पेट्रोल डाल दिया। रमेश ने यह जानकारी शुक्रवार को अनुमंडल मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसडीजेएम) एसके सिंह की अदालत में लिखित में दी। कोर्ट ने रमेश के आवेदन पर मेडिकल जांच कराने का आदेश दिया। इधर, रमेश के आवेदन पर डीआईजी विकास वैभव ने एसएसपी को भी जांच करने को कहा है। पीड़ित ने अमानवीयता की यह दास्तां सीएम, डिप्टी सीएम, आईजी व मानवाधिकार आयोग को भी पत्र लिखकर भेजा है।
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रमेश ने कोर्ट को बताया कि दुर्गा स्थान को लेकर मारपीट के पुराने मामले में 9 अगस्त की शाम थानाध्यक्ष सुनील कुमार सदल-बल के साथ उनके दुकान पर पहुंचे और काॅलर पकड़कर घसीटते हुए थाना ले गए। वहां थानाध्यक्ष ने उनका मोबाइल फेंक दिया।
थाना के हाजत में बंद रखने के बाद देर रात में थानाध्यक्ष डेरा पर ले गए। वहां लाठी से जमकर पिटाई की। फिर दो सिपाही को बुलाकर कपड़े उतरवाये और मलद्वार में बोतल से पेट्रोल डाल दिया। थानाध्यक्ष की अमानवीयता यहीं खत्म नहीं हुई। उसने धमकी भी दी कि यदि केस मुकदमा करोगे तो जान से मार देंगे। व्यवसायी का आरोप है कि मारपीट के दौरान सिपाही ने उनके गल्ले से पांच हजार रुपये भी निकाले।

रमेश का आरोप है कि मारपीट के पुराने मामले में थानेदार उसको गिरफ्तार करने आए थे। इस मामले में उसके खिलाफ आरोप को पुलिस फाइनल कर चुकी है, लेकिन विपक्षी द्वारा प्रोटेस्ट पीटीशन डाल देने से एसडीजेएम कोर्ट ने संज्ञान ले लिया था। शाहकुंड के कसबा खेरही निवासी रमेश कुमार ने डीआईजी विकास वैभव को भी अावेदन देकर शाहकुंड पुलिस ने अमानवीयतरीके से टॉर्चर करने का आरोप लगाया है। इस पर डीआईजी ने एसएसपी को जांच का निर्देश दिया है। जांच के बाद बाद कानून संगत कार्रवाई की बात कही है।
डीआईजी ने एसएसपी को दिया घटना की जांच करने का आदेश मारपीट के मामले में 9 अगस्त को व्यवसायी को उठाकर लाई थी पुलिस कोर्ट नेदिया मेडिकल कराने का आदेश थानाध्यक्ष दुकान पर आते ही जिप अध्यक्ष टुनटुन साह के नाम से गाली-गलौज करने लगे। थानेदार ने यहां तक कहा कि चौबे के बेटे को नहीं छोड़ेतो जिप अध्यक्ष की क्या औकात है। रमेश के अधिवक्ता बीरेश मिश्रा ने बताया कि कोर्ट ने दारोगा को बुलाकर रमेश का मेडिकल कराने का आदेश दिया। मेडिकल रिपोर्ट के बाद दारोगा पर आगे की कार्रवाई होगी।

