राजीव गांधी चेयर की तर्ज पर अटल बिहारी वाजपेयी विद्यापीठ तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में स्थापित होगा. इसमें विवि के छात्र अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में पढ़ाई कर सकेंगे और पीएचडी की उपाधि भी प्राप्त कर सकेंगे. टीएमबीयू प्रशासन ने विद्यापीठ का प्रस्ताव तैयार कर लिया है. इसे मंगलवार को भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेज दिया जायेगा. मंत्रालय की अनुमति मिलने के बाद विद्यापीठ की स्थापना हो जायेगी.

छात्रों को मिलेगा लाभ : विद्यापीठ में छात्र यह पढ़ाई कर सकेंगे कि देश को एकता के सूत्र में किस तरह वाजपेयी जी ने पिरोने का काम किया. उनकी विदेश नीति क्या थी. उनकी नीति किस तरह युवाओं के लिए शिक्षाप्रद है. छात्र यह भी पढ़ेंगे कि अटल किस तरह आज भी प्रासंगिक हैं.

विभिन्न विषयों के छात्र लेंगे लाभ : अटल बिहारी वाजपेयी विद्यापीठ में विभिन्न विषयों के छात्र पढ़ाई कर सकेंगे. इसमें राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, दर्शनशास्त्र, इतिहास आदि विषयों के छात्र पीएचडी कर सकेंगे. विद्यापीठ में नियमित रूप से सेमिनार, कार्यशाला का आयोजन होगा. रिसर्च पेपर पब्लिकेशन होगा. लेक्चर का आयोजन होगा.

राष्ट्रीय पुनर्जागरण के लिए अटल बिहारी वाजपेयी विद्यापीठ की स्थापना का निर्णय लिया गया है. इसके लिए प्रस्ताव तैयार हो चुका है. मेरी बात एचआरडी मिनिस्ट्री से हो चुकी है. मंगलवार को प्रस्ताव मिनिस्ट्री को भेज दिया जायेगा.

प्रो नलिनी कांत झा, कुलपति, टीएमबीयू

शिक्षण कार्य के लिए पांच पद पर होगी बहाली

विद्यापीठ में शिक्षण कार्य के लिए पांच पदों पर बहाली होगी. 50 से 70 वर्ष उम्र के लिए एक चेयर प्रोफेसर की बहाली सर्च कमेटी के थ्रू होगी, जिनका कार्यकाल पांच वर्ष का होगा. इसके अतिरिक्त तीन जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फेलो) और एक रिसर्च एसोसिएट की बहाली होगी. तत्काल विवि की बिल्डिंग में विद्यापीठ की स्थापना होगी. इसपर होनेवाले सारे खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी.

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By न्यूज़ डेस्क

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