विक्रमशिला सेतु बंद होते ही बियाडा घाट पर बिगड़ी व्यवस्था, घंटों कतार में खड़े रहे बाइक सवार
भागलपुर। विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा पार करने के लिए शुरू की गयी वैकल्पिक फेरी सेवा पहले ही दिन यात्रियों के बढ़ते दबाव के सामने कमजोर नजर आयी। प्रशासन की ओर से बियाडा घाट से 12 स्टीमर चलाने और हर घंटे फेरी सेवा उपलब्ध कराने की तैयारी की गयी थी, लेकिन गुरुवार को घाट पर महज तीन-चार स्टीमर ही चलते दिखाई दिए।
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इसका सीधा असर यात्रियों और वाहन चालकों पर पड़ा। गंगा पार करने के लिए बाइक और चारपहिया वाहनों की लंबी कतार लग गयी। कई बाइक सवारों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
सुबह करीब 12 बजे तक स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य रही, लेकिन दोपहर बाद घाट पर भीड़ तेजी से बढ़ने लगी। शाम तक हालात ऐसे हो गये कि कई बाइक चालक घंटों कतार में खड़े रहे। कुछ यात्रियों ने बताया कि वे दोपहर करीब तीन बजे से लाइन में थे, लेकिन शाम 6.30 बजे तक उनका नंबर नहीं आया था।

स्टीमर पर चढ़ने को लेकर विवाद और मारपीट
यात्रियों की बढ़ती भीड़ के बीच स्टीमर पर पहले चढ़ने को लेकर विवाद भी होने लगा। दोपहर करीब डेढ़ बजे दो बाइक सवार स्टीमर पर चढ़ने के दौरान आपस में उलझ गये और मारपीट हो गयी। घटना में एक युवक को गहरा जख्म आने की जानकारी है। उसे घाट पर बनाए गए अस्थायी थाना में ले जाकर उपचार कराया गया।
होमगार्ड जवानों ने आरोपित युवक को थाने लाया और बाद में औद्योगिक थाना पुलिस को सूचना देकर उसे सौंप दिया।
शाम करीब छह बजे दो महिलाओं के बीच भी मारपीट की घटना सामने आयी। लगातार बढ़ती भीड़ के बीच इस तरह के विवाद ने घाट पर भीड़ नियंत्रण की चुनौती को और बढ़ा दिया।
एंबुलेंस को भी तीन घंटे करना पड़ा इंतजार
फेरी व्यवस्था में देरी का असर आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ा। जानकारी के अनुसार एक एंबुलेंस को गंगा पार करने के लिए करीब तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
पुल बंद रहने के दौरान मरीजों और एंबुलेंस के लिए प्राथमिकता व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होगी। सामान्य यात्रियों और वाहनों के साथ आपातकालीन वाहनों को भी कतार में लंबा इंतजार करना पड़े तो मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी हो सकती है।
स्वास्थ्य शिविर में करीब एक दर्जन लोगों का इलाज
यात्रियों की सुविधा के लिए बियाडा घाट पर स्वास्थ्य शिविर भी शुरू किया गया है। यहां डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की दो शिफ्ट में ड्यूटी लगायी गयी है।
पहली शिफ्ट सुबह चार बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 12 बजे से शाम छह बजे तक निर्धारित है। पहले दिन स्वास्थ्य शिविर में करीब एक दर्जन लोगों का उपचार किया गया।
घाट पर एंबुलेंस भी तैनात की गयी है। हालांकि फेरी सेवा में एंबुलेंस को भी लंबा इंतजार करना पड़ा, जिससे आपातकालीन वाहनों के लिए अलग व्यवस्था की जरूरत सामने आयी है।
CCTV और नियंत्रण कक्ष से निगरानी
प्रशासन ने बियाडा घाट पर नियंत्रण कक्ष बनाया है। यहां से स्टीमर परिचालन समेत अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। घाट के अलग-अलग हिस्सों में CCTV कैमरे लगाए गए हैं और उनकी मॉनिटरिंग की जा रही है।
भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को कतार में रहने के लिए माइकिंग भी करायी जा रही है। इसके बावजूद पहले दिन लंबी कतार और विवाद की स्थिति सामने आयी।
यात्रियों के लिए जीविका दीदी की रसोई
घाट पर लंबे समय तक इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए जीविका दीदी की रसोई भी शुरू की गयी है। यहां सुबह आठ बजे से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन की ओर से भोजन की कीमत 70 रुपये प्रति प्लेट निर्धारित की गयी है।
SDRF और आपदा मित्र तैनात
यात्रियों की सुरक्षा के लिए घाट पर SDRF और आपदा मित्रों की तैनाती की गयी है। स्टीमर के आने-जाने के दौरान SDRF की टीम गंगा में निगरानी कर रही है।
आपदा मित्र यात्रियों को स्टीमर पर चढ़ने और उतरने में मदद कर रहे हैं। भीड़ बढ़ने की स्थिति में यात्रियों को नदी में गिरने से रोकना भी सुरक्षा टीम के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।
नवगछिया से बियाडा घाट स्टीमर का निर्धारित समय
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नवगछिया से बियाडा घाट के लिए स्टीमर सेवा सुबह 5.30 बजे से शुरू होगी। इसके बाद 6.30, 7.30, 8.30, 9.30, 10.30, 11.30 बजे और दोपहर 12.30, 1.30, 2.30, 3.30 तथा 4.30 बजे सेवा निर्धारित है।
बियाडा घाट से नवगछिया के लिए सेवा
बियाडा घाट से नवगछिया के लिए पहली सेवा सुबह 6 बजे निर्धारित है। इसके बाद 7, 8, 9, 10, 11 बजे, 12.05 बजे तथा दोपहर 1, 2, 3 और 4 बजे स्टीमर चलाने का समय निर्धारित किया गया है। जिरिया प्राइवेट लिमिटेड की सेवा शाम 4.30 बजे निर्धारित है।
बाबूपुर से नवगछिया मालवाहक जहाज
भागलपुर और नवगछिया के बीच मालवाहक जहाज की सेवा भी निर्धारित की गयी है। बालाजी इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का मालवाहक जहाज बाबूपुर से नवगछिया के लिए सुबह 6 बजे, 10 बजे, दोपहर 2 बजे और शाम 5 बजे परिचालित होगा।
विक्रमशिला सेतु बंद रहने की अवधि में यात्रियों और वाहनों का दबाव फेरी सेवा पर लगातार बना रहने की संभावना है। पहले दिन की स्थिति ने प्रशासन के सामने स्टीमर की पर्याप्त उपलब्धता, वाहन कतार के प्रबंधन और एंबुलेंस समेत आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता देने की जरूरत को स्पष्ट कर दिया है।
