खरीक : गंगा नदी में आई बाढ़ की विभीषिका से खरीक प्रखंड के राघोपुर में 3 करोड़ की लागत से तैयार राघोपुर तटबंध का भीषण कटाव शुरू हो गया है. तकरीबन 30 मीटर के दायरे में कटाव तेज हो गया. मंगलवार की सुबह अचानक कटाव शुरू हो जाने से ग्रामीणों में दहशत है. गांव की सूचना स्थानीय सांसद शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को दी गई. सांसद के निर्देश पर अभियंताओं की टीम ने बचाव कार्य तेज कर दिया है है. देर शाम तक मिट्टी भरा जिओ बैग डालकर कटाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है. बचाव कार्य के लिए तटबंध पर सहायक अभियंताओं की टीम लगी हुई है.
पूर्व में भी ढाई करोड़ की लागत से हुआ था काम
राघोपुर तटबंध को दुरुस्त करने के लिए बीते साल ढाई करोड़ की लागत से कटाव निरोधी कार्य किया गया था. जलस्तर बढ़ने के साथ ही इस बार भी तीन करोड़ रुपए की लागत से तैयार तटबंध का कटाव शुरू हो गया. अभियंता अपनी भाषा में कटाव को सिंक करना बता रहे है. ग्रामीणों का कहना हर बार राघोपुर पॉइंट पर ढाई से तीन करोड़ रुपए की लागत से काम होता है. बाढ़ के समय में सब कुछ नष्ट होकर तबाह हो जाता है. हर बार बाढ़ और कटाव की त्रासदी का भय बना रहता है.


तटबंध ध्वस्त होने से हो सकती है तबाही
तटबंध ध्वस्त होने की स्थिति में गंगा नदी में आई बाढ़ का पानी अलालपुर, राघोपुर, अठगामा अठनिया, नागरतोला ध्रुवगंज तुलसीपुर तेलघी गोटख़रीक गणेशपुर समेत दर्जनों गांव में फैल जाएगा. सैकड़ों बीघा में लगी केले की फसल बर्बाद हो जाएगी. किसान तबाह हो जाएंगे.
क्या कहते हैं कार्यपालक अभियंता
जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार ने कहा कि राघोपुर में हो रहे कटाव को फिलहाल नियंत्रित कर लिया गया. कटावर स्थल पर जियो बैग की बोरियां डाली जा रही है.


