खगड़िया। रिहंद से ऊपर वाणसागर डैम (मध्य प्रदेश) से शनिवार की अल सुबह साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी सोन नदी में छोड़े जाने से गंगा में भीषण बाढ़ आने की आशंका खड़ी हो गई है। जानकारी अनुसार वाणसागर डैम से सोन नदी में लगभग पांच से सात लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की संभावना है।
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ऐसे में वह पानी गंगा में पहुंचने पर उसका जल स्तर बढ़ जाने से यह नदी प्रलय मचा सकती है। सोन नदी पटना के दीघा के पास गंगा से संगम करती है। बताते चलें कि गंगा पहले से ही उफान पर है। वह मुंगेर और खगड़िया दोनों जगहों पर लगातार बढ़ रही है। खगड़िया के खारा धार स्लूईस के पास गंगा शनिवार को खतरे के निशान से 93 सेमी ऊपर बह रही थी। गंगा पर बने बांध व तटबंधों की बढ़ी निगरानी

इस बीच गंगा का जल स्तर बढ़ने की संभावना को देखते खगड़िया में गंगा नदी पर बने बांध व तटबंधों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस जिले में गंगा पर 53 किलोमीटर लंबे गोगरी-नारायणपुर तटबंध समेत ¨रग तथा जमींदारी बांध हैं। शनिवार को बाढ़ नियंत्रण अंचल, खगड़िया के अधीक्षण अभियंता संजय रमण तथा बाढ़ नियंत्रण संख्या-एक के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार ने गोगरी-नारायणपुर तटबंध, अकहा-खजरैठा ¨रग बांध, नयागांव ¨रग बांध, लगार ¨रग बांध का सघन निरीक्षण किया।

विभाग के सभी जेई और एसडीओ गंगा नदी पर बने बांध-तटबंध पर कैंप कर रहे हैं। प्रत्येक एक किलोमीटर पर होमगार्ड के जवान की प्रतिनियुक्ति कर दी गई हैं। कोट ‘वाणसागर से सोन नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर बढ़ सकता है। बांध-तथा तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। स्थिति नियंत्रण में है।’ -संजय रमण, अधीक्षण अभियंता, बाढ़ नियंत्रण अंचल, खगड़िया।

