नवगछिया : इस्माइलपुर प्रखंड में बाढ़ राहत कार्य को लेकर प्रशासनिक पदाधिकारी पूरी तरह से उदासीन नजर आ रहे हैं. मालूम हो कि मालूम हो कि इस्माइलपुर प्रखंड 10 दिनों से पूरी तरह से जलमग्न है लेकिन अभी तक प्रशासनिक स्तर से महज 5 किलो और आधा किलो शक्कर के साथ एक पॉलिथीन सीट ही दिया गया है. कहीं भी राहत शिविर की व्यवस्था नहीं की गई है प्रशासनिक स्तर से एक राहत शिविर बनवाया भी गया था तो वह गांव से बहुत दूर था और उस शिविर में लोग नहीं गए लोगों की मांग थी कि प्रशासनिक स्तर से शिविर की व्यवस्था गांव के आस-पास ही किया जाना चाहिए ताकि उन लोगों शिविर का फायदा मिल सके. प्रखंड के सभी पांचों पंचायतों में छोटी परबत्ता पंचायत के चार वार्ड को छोड़कर बाकी सभी पंचायत पूरी तरह जलमग्न है. बाड़मेर प्रखंड का 13 हजार से अधिक परिवार करीब 50 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. गंगा नदी की आई बाढ़ से प्रभावित बाढ़ पीड़ित रिंग बांध एवं सड़कों पर अपने परिवार बाल बच्चे व मवेशी को लेकर रह रहे हैं.
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मालूम हो कि इस्माइलपुर प्रखंड पिछले पांच सितंबर को ही पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गया था. प्रखंड में बाढ़ आए दस दिन हो चुके हैं लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद अब तक प्रशासन द्वारा पीड़ितों के बीच मात्र चुरा शक्कर का वितरण किया गया. प्रशासन स्तर से अब तक बाढ़ पीड़ितों के लिए एक भी शिविर नहीं लगाया गया है. बाढ़ पीड़ितों के बीच अब तक पॉलिथीन सीट का भी वितरण नहीं हो पाया. पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे पन्नी कपड़ा टांगकर किसी तरह रह रहे है. इस्माइलपुर प्रखंड का पूर्वी भिट्ठा इस्माइलपुर, पश्चिमी भट्ठा इस्माइलपुर, कमलाकुंड, नारायणपुर लक्ष्मीपुर एवं छोटी परबत्ता पंचायत बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित है.

इस्माइलपुर प्रखंड के सभी पांचों पंचायत बाढ़ की चपेट में आने के बाद पीड़ित परिवार जहां तहां ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए. घरों में पानी प्रवेश करने के बाद पीड़ित परिवार नए रिंग बांध, पुरानी रिंग बांध, मालपुर 14 नंबर सड़क, लतारा, जगतपुर 14 नंबर सड़क एवं जहान्वी चौक के पास शरण लिए हुए है. जिन स्थानों पर बाढ़ पीड़ित रह रहे हैं उन स्थानों पर पीड़ित परिवारों को पीने के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी नहीं की गई है. पीड़ित परिवार किसी तरह पानी की व्यवस्था कर पानी पी रहे. पीड़ित परिवारों का कहना है कि हम लोगों के लिए शौचालय की भी व्यवस्था नहीं हो पाई. जिस कारण हम लोगों को खुले में शौच जाना पड़ता है.

ऐसे में महिलाओं एवं बच्चियों को काफी लज्जा का सामना करना पड़ता है. इस्माइलपुर प्रखंड की में बाढ़ आने के बाद आवागमन की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. बाढ़ के कारण प्रखंड की तीन सड़क एव दो पुलिया धवस्त हो गया है. इस्माईलपुर जिला परिसद सदस्य विपिन मंडल ने बताया कि बाढ़ के कारण प्रखंड के केलाबाड़ी से 519 जाने वाली सड़क, छट्ठू सिंह टोला से इस्माईलपुर जाने वाली सड़क परबत्ता से बाँसगढ़ा जाने वाली सड़क ध्वस्त हो गया है. छट्ठू सिंह टोला से इस्माईलपुर जाने वाली सड़क परबत्ता से बाँसगढ़ा जाने वाली सड़क में बने दो पुलिया भी ध्वस्त हो गया है.

– वितरण अपारदर्शी तरीके से करने का आरोप
इस्माइलपुर जिला परिषद सदस्य विपिन मंडल ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच प्रशासन स्तर से वितरण किए जा रहे सूखा राशन व पॉलिथीन सीट में पदाधिकारियों की मनमानी चल रही है. पीड़ित परिवारों को सूखा राशन के रूप में ढाई किलो चूरा, आधा किलो शक्कर दिया जा रहा है. डीएम के निर्देश के बावजूद भी पीड़ितों के लिए राहत शिविर नहीं लगाया गया है. जबकि राहत शिविर के लिए जहां बाढ़ पीड़ित रह रहे वहां पर्याप्त जगह था.
कहते हैं सीओ
इस्माइलपुर सीओ उपेंद्र प्रसाद ने बताया कि प्रखंड में बाढ़ पीड़ितों के बीच अब तक 7452 पीड़ितों को चुरा शक्कर का पैकेट वितरण किया गया है. एक हजार पॉलिथीन सीट का भी वितरण किया गया है. पीड़ितों के लिये आगे भी राहत की व्यवस्था की जा रही है.

