शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन गुरुवार को मां दुर्गा के दूसरे रूप ब्रह्मचारिणी की पूजा मंदिरों व घरों में भक्तिभाव के साथ की गयी। सुबह से देर शाम तक भक्त पूजा, पाठ व आरती में लगे रहे। शहर के विभिन्न मंदिरों में मूर्तिकार प्रतिमा को अंतिम रूप देने में लगे हैं तो कलाकार पंडाल को दिन-रात एक कर तैयार करने में लगे हैं।
नवरात्र में शहर में भक्तों के कई रूप देखने को मिल रहे हैं। कोई फलाहार कर तो कोई शुद्ध सात्विक भोजन कर मां की आराधना में लगे हैं। अधिकांश घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ हो रहा है। कोई सुबह-शाम तेरहों अध्याय का पाठ कर रहा है तो कोई कवच-कील-अर्गला स्तोत्रम मंत्र के बाद एक-एक अध्याय का पाठ। कहीं बच्चे दुर्गा चालीसा पाठ में लगे हैं तो कहीं महिलाएं आरती व दीप जला रहीं हैं। शुक्रवार को मां दुर्गा के तीसरे रूप चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी।
राणी सती दादी मंदिर: मां को पेड़ा से लगाया गया भोग
श्री राणी सती दादी मंदिर में मां जगदम्बा स्वरूपा श्री राणी सती दादीजी श्रीदुर्गा मां, मां काली व हनुमानजी की महाआरती की गई। इस दौरान पेड़ा से महाभोग लगाया गया। प्रवक्ता चांद झुनझुनवाला ने बताया कि पहली पूजा को कलश स्थापना पांच पंडितों के द्वारा कराया गया। मंदिर में प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ हो रहा है।

छह पूजा को जलेबी, सप्तमी को फल, अष्टमी को मेवा लड्डू और महानवमी को सामूहिक रूप से हलवा, चना व घुघनी के साथ 56 प्रकार के भोग लगाये जाएंगे। उन्होंने बताया कि मां जगदम्बा स्वरूपा श्री राणी सती दादी जी की पूजा वेदी पर स्वस्तिक बना कर की जाती है। आरती के समय पवन खेतड़ीवाल, अरुण झुनझुनवाला, डॉ. मनीष जलान, पंकज जलान, कुंजबिहारी झुनझुनवाला, अरविंद चिरानियां, रमेश झुनझुनवाला, कमलेश देवी, सरोज देवी, मोनू जलान, पार्वती देवी, नंद किशोर केडिया आदि मौजूद थे।

मोहद्दीनगर दुर्गा मंदिर में 12 तरह के मिष्ठान्न का लगा भोग
मोहद्दीनगर दुर्गा मंदिर में 21 चांदी की थाली से मां दुर्गा की आरती हो रही है। इस दौरान 12 तरह के मिष्ठान्न का भोग लगाया जा रहा है। गुरुवार को आरती के समय आये लोगों के बीच अंकुरित चना, केला व फल का प्रसाद का वितरण किया गया। संयुक्त सचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश रंजन केशरी ने बताया कि पूजा के दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये हैं। मंदिर परिसर में आठ सीसीटीवी कैमरे लगाये हैं। इसके साथ ही अग्निशमक यंत्र व महिलाएं के लिए अलग द्वारा बनाये गये हैं। उन्होंने बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। सातवीं पूजा को राधाकृष्ण व मां दुर्गा की झांकी, नृत्य नाटिका व संगीत, अष्टमी को नृत्य, नवमी को जागरण का आयोजन किया जायेगा। जबकि दसवीं पूजा को नाटक का मंचन किया जायेगा


