चक्रवाती तूफान तितली के कारण हावड़ा से लौटी भागलपुर-यशवंतपुर अंग एक्सप्रेस के यात्रियों ने गुरुवार शाम करीब साढ़े पांच बजे भागलपुर स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। अधूरी यात्रा से लौटे करीब दो-ढाई सौ यात्रियों ने पूरा किराया रिफंड करने की मांग को लेकर स्टेशन अधीक्षक ओंकार प्रसाद के कमरे में भी खूब शोर-शराबा किया और पीआरएस काउंटर संख्या 11 पर लगी कांच, ट्यूबलाइट और बोर्ड तोड़ डाले। करीब 20 मिनट तक गुस्साए यात्रियों ने टिकट काउंटर से लेकर प्लेटफार्म तक हंगामा किया।
हंगामे को देखते हुए मौके पर रेल पुलिस पहुंची तो जरूर, पर यात्रियों का तेवर देख पुलिस दुबग गई। यात्रियों का कहना था कि आधे सफर से वापसी का निर्णय रेलवे का था। इसमें यात्रियों की कोई गलती नहीं है। इसलिए पूरा पैसा वापस चाहिए। यात्री इस बात से खफा थे वापसी के लिए रेल नियमों के मुताबिक उन्हें टीडीआर फाॅर्म नहीं भरना है। टीडीआर से रिफंड मिलने में काफी दिन लगते हैं और कई लोगों को तो अब तक रिफंड भी नहीं मिला है। लेकिन रेल प्रशासन आधे रास्ते से रद्द होने के बाद हावड़ा से आगे का किराया रिफंड करने पर अड़ा रहा।

रेलवे ने हावड़ा तक फेयर काटकर टिकट के बाकी पैसे वापस किए तब थमा विरोध
यशवंतपुर-भागलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के हावड़ा से वापस होने के बाद स्टेशन अधीक्षक ओंकारनाथ के चेम्बर में पैसा वापस करने की मांग करते यात्री।
हालात बेकाबू देख एसीएम ने सीनियर डीसीएम को दी जानकारी
भागलपुर में हालात बेकाबू होता देख एसीएम ने मालदा के सीनियर डीसीएम को पूरे मामले की जानकारी दी। फिर शाम करीब साढ़े छह बजे पूर्व रेलवे कोलकाता के सीसीएम एमके गुप्ता के आदेश पर यात्रियों को टीडीआर फाॅर्म नहीं भराकर हावड़ा तक का किराया काटकर नकद वापस किया गया। रात करीब साढ़े आठ-नौ बजे तक लगभग 250 यात्रियों का किराया वापस किया गया। इनमें जनरल, स्लीपर व एसी क्लास के यात्री शामिल हैं।

यात्रियों ने टिकट काउंटर का शीशा तोड़ा।
तितली तूफान के कारण ट्रेन वापस करने का रेलवे ने ले लिया था निर्णय
बता दें कि पूर्व रेलवे ने मौसम विभाग के जारी अलर्ट को देखते हुए अंग एक्सप्रेस को हावड़ा में ही रोकने का निर्णय लिया था और ट्रेन को भागलपुर वापस कर दिया। रेल प्रशासन ने ओडिसा तक तूफान के पहुंचने का हवाला देकर जनहानि रोकने के लिए हावड़ा स्टेशन पर बेंगलुरु की ओर जाने वाले तमाम ट्रेनों को कैंसिल कर दिया। जब अंग एक्सप्रेस हावड़ा पहुंची तब वहां करीब तीन घंटे प्लेटफार्म 13 पर ट्रेन खड़ी रहने के बाद सुबह भागलपुर वापस कर दिया गया।


