नवगछिया : बिहपुर प्रखंड इस्थित बिहपुर मध्य पंचायत के वार्ड नंबर 01 स्थित माँ छोटी काली मंदिर का इतिहास करीब 230 वर्ष पुराना है. इस मंदि के प्रति लोगों की गहरी आस्था है. माना जाता है कि माँ कि चौखट पर मांगी गई हर मुरादे देर- सबेर जरूर पूरी होती है. पूजा तांत्रिक बीघी से होती है इतिहास करीब 230 वर्ष पुरानी है इस मंदिर मे माना जाता है की माँ की चौखट पर मांगी गई हर मुरादें पूरी होती है.
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मंदिर के प्रधान पुजारी चंद्रशेखर झा के पूर्वज करते आ रहे हैं और यहं तांत्रिक विधि से पूजा होती है. पूजा समिति के प्रधानमंत्री अरुण साह कसेरा बताते हैं कि इस मंदिर के विकास एवं पूजा में टोला समेत पूरे ग्रामीणों का सहयोग समिति को मिलता है. मंदिर में पहली बलि सार्वजनिक दिया जाने की परम्परा आज भी है.

इस बार काली पूजा 6 नवंबर को तथा प्रतिमा विसर्जन 7 नवंबर को होगा. माँ (मा वाम काली) की तरह यहां की प्रतिमा का विसर्जन भी थाना घाट सरोवर में किया जाता है. यहां की प्रतिमा भी माँ काली के विसर्जन शोभायात्रा के समय उसी में शामिल होती है. काली पूजा समिती के सदस्य ज्ञानदेव कुमार. अनिल कसेरा. बबलू मोदी. बिट्टू मोदी. राजेश कसेरा.बिपिन मोदी. अमर कसेरा. सुजीत पोद्दार,सन्नी पोद्दार,मुकेश पोद्दार, अभिनाश कुमार,छोटू कसेरा मनीष मोदी आदि बताते है कि 18 फिट लम्बी पतिमा बनती है.

