विक्रमशिला सेतु बंद होने से बढ़ेगी परेशानी, फ्री फेरी सेवा से मिलेगी राहत
भागलपुर। विक्रमशिला सेतु पूर्वी बिहार को उत्तरी बिहार, कोसी और सीमांचल क्षेत्र से जोड़ने वाला प्रमुख सड़क संपर्क मार्ग है। इस पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटी-बड़ी गाड़ियां, बसें, मालवाहक वाहन और एंबुलेंस गुजरते हैं। ऐसे में करीब तीन महीने तक पुल पर आवागमन बंद रहने से आम लोगों के साथ नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, व्यापारियों और मरीजों को वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ेगा।
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भागलपुर शहर में इलाज के लिए आने वाले कोसी और सीमांचल क्षेत्र के मरीजों के लिए भी इस अवधि में यात्रा की चुनौती बढ़ सकती है। वहीं सब्जी, खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामानों की आवाजाही प्रभावित होने से परिवहन लागत और बाजार पर भी असर पड़ने की संभावना है।
बियाडा घाट से फ्री फेरी सेवा, बाबूपुर घाट से चार पहिया वाहनों की व्यवस्था
विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद होने की स्थिति में जिला प्रशासन ने वैकल्पिक जलमार्ग की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की है। यात्रियों को गंगा पार कराने के लिए बियाडा घाट से बोट और फेरी सेवा संचालित की जाएगी। इस सेवा से आम यात्री साइकिल और मोटरसाइकिल भी नदी के पार ले जा सकेंगे।

फेरी सेवा के लिए प्रति यात्री 30 रुपये का सरकारी शुल्क निर्धारित किया गया है। प्रशासनिक व्यवस्था के तहत इस राशि का भुगतान राज्य सरकार द्वारा सेवा प्रदाता को किया जाएगा, जिससे यात्रियों को इस सेवा के लिए शुल्क नहीं देना होगा।
वहीं बाबूपुर घाट से कार, जीप समेत अन्य चार पहिया वाहनों को स्टीमर के माध्यम से गंगा पार कराने की व्यवस्था की जा रही है। जिला प्रशासन वैकल्पिक ट्रैफिक रूट, घाटों पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर तैयारी में जुटा है।
भागलपुर की डीएम अलंकृता पांडेय ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पुल बंद रहने की अवधि में यातायात व्यवस्था, वैकल्पिक मार्ग और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की है।
जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य, फिर नए स्वरूप में खुलेगा सेतु
विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन कार्य को जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्य पूरा होने के बाद पुल को दोबारा यातायात के लिए खोले जाने की योजना है।
पुल के बंद रहने की अवधि में यात्रियों को वैकल्पिक सड़क मार्ग और जलमार्ग की व्यवस्था का इस्तेमाल करना होगा। ऐसे में 30 सितंबर की रात के बाद यात्रा करने वाले लोगों के लिए नए ट्रैफिक रूट, घाटों और फेरी सेवा से जुड़ी व्यवस्था की जानकारी रखना महत्वपूर्ण होगा।
प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की जा रही है कि पुल बंद रहने के दौरान यात्रा से पहले निर्धारित वैकल्पिक मार्ग और यातायात व्यवस्था की जानकारी लेकर ही निकलें।
