नवगछिया – रंगरा प्रखंड क्षेत्र के सधुआ चापर स्थित प्राथमिक विद्यालय सधुआ के प्रांगण में पिछले एक सप्ताह से भागवत कथा की गंगा बह रही है. भागवत कथा सागर में प्रतिदिन हजारों श्रोता गण गोता लगा रहे हैं. बताते चलें कि पिछले 17 दिसंबर से प्राथमिक विद्यालय सधुआ चापर में भागवत कथा यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जो आगामी 25 दिसंबर तक चलेगा. भागवत कथा के सातवें दिन सीता हरण प्रकरण पर प्रवचन किया गया.
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माता सिता और दुराचारी रावण के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए मुख्य प्रवचन कर्ता नारायण स्वामी जी ने कहा कि रामायण में माता सीता को जहां सत्य का प्रतीक बताया गया है वहीं दुराचारी रावण को असत्य का प्रतीक. उन्होंने कहा कि रावण द्वारा सीता जीके हरण के बाद माता सीता को रावण द्वारा दिए गए लाख प्रलोभन के बाद भी उन्होनें अपने सतीत्व को बरकरार रखा. आज के परिवेश में यह संसार के नारीयों के लिए अनुकरणीय है. वहीं दूसरी और रावण के बारे में बताया गया कि यद्यपि रावण प्रकांड विद्वान थे. बावजूद उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई और उन्होंने माता सीता का हरण कर लिया.

रावण द्वारा सीता हरण तो एक माध्यम मात्र था. उसे तो भगवान राम के हाथो मुक्ति प्राप्त करनी थी. कार्यक्रम के दौरान आसपास के सधुआ, चापर, मुरली, बनीया, सहौरा, रंगरा, कुमादपुर, आदी गांवों के हजारों धर्म प्रेमी श्रोता गणों ने भागवत कथा सागर में डुबकी लगाई. कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष, राज किशोर यादव, अरविंद यादव, महावीर सिंह मदरौनी उच्च विद्यालय चापरहाट के प्रधानाध्यापक, अवधेश पासवान, पप्पू मंडल, सेवानिवृत्त शिक्षक, शिवनंदन जयसवाल, योगेंद्र यादव, सूर्य नारायण मंडल, हनुमान मंडल आदि कार्यकर्ता कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे हुए थे.

