
1.दिवाली से पंद्रह दिन पहले शरद पूर्णिमा से शुरू होता है कार्तिक का महीना। इस पूरे महीने मां लक्ष्मी के सामने और शाम को तुलसी में दीपक जलाने लक्ष्मी का आगमन होता है
2.कार्तिक के पूरे महीने सुबह-सुबह स्नान-ध्यान करना श्रेष्ठ माना गया है। इस पूरे महीने सुबह सूर्योदय से पहले किसी नदी में स्नान करने या फिर घर में ही स्नान कर दान देने से अच्छा फल मिलता है।मान-सम्मान में वृद्धि होती है एवं स्वस्थ्य लाभ प्राप्त होता है

3.कार्तिक के महीने में तुलसी पूजा का विशेष विधान है। शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान विष्णु तुलसी के हृदय में शालिग्राम के रूप में निवास करते हैं। इस महीने तुलसी विवाह भी किया जाता है।
4. कहा गया है कि कार्तिक मास में दालों का भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

डॉ रजनीकांत देव(देव ज्योतिष् रत्न भंडार), नौगछिया।
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