प्रो. लीला चंद साहा टीएमबीयू के संभवत: ऐसे पहले कुलपति (प्रभारी) होने जा रहे हैं जो 35 दिनों में 5 प्रभारी प्राचार्यों का इस्तीफा स्वीकार करेंगे। इन बीते दिनों में 4 प्रभारी प्राचार्यों का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद अब प्रो. साहा के पास एमएएम कॉलेज नवगछिया की प्रभारी प्राचार्य डॉ. भावना झा ने भी इस्तीफे का पत्र भेज दिया है।
दिलचस्प यह है कि पूर्व के 2 प्रभारी प्राचार्यों की तरह डॉ. झा ने भी इस्तीफे के लिए खराब स्वास्थ्य को कारण बताया है। बता दें कि उनसे पहले टीएनबी लॉ कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य रहे डॉ. मधुसूदन सिंह और जीबी कॉलेज नवगछिया के प्रभारी प्राचार्य रहे डॉ. अशोक कुमार सिन्हा ने भी अपने इस्तीफे की यही वजह बताई थी। इस्तीफे की पुष्टि करते हुए डॉ. भावना झा ने कहा कि वह बीमार रहती हैं। स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा है। इसलिए उन्होंने अपना इस्तीफा विवि को भेज दिया है। हालांकि उनका इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुअा है क्योंकि खुद उन्हें ही इसकी जानकारी नहीं थी।

प्रभारी प्राचार्यों के इस्तीफे से उठे कई सवाल
टीएमबीयू में पिछले 35 दिनों में 5 प्रभारी प्राचार्य इस्तीफा दे चुके हैं जिनमें एसएसवी कॉलेज के डॉ. जयंत सिंह और जेपी कॉलेज के डॉ. विभांशु मंडल भी शामिल हैं। इन 5 में केवल जयंत सिंह और विभांशु मंडल ने ही पद छोड़ने के पीछे कॉलेज में विवाद को कारण बताया था। एक-एक कर 5 प्रभारी प्राचार्यों के इस्तीफे से सवाल उठने लगा है कि क्या विवि से कॉलेजों पर कोई अतिरिक्त दबाव है? क्या यह दबाव राजभवन से काम की हो रही मॉनिटरिंग का है? या क्या यह दबाव जून में हर हाल में नैक मूल्यांकन कराने और इसकी तैयारी का है? एक तरफ इसी विवि में हेड और प्रभारी प्राचार्य बनने के लिए जहां कुछ शिक्षक जैसे-तैसे प्रमोशन ले रहे हैं वहीं यह पद पा चुके शिक्षक इसे छोड़ क्यों रहे हैं? इसका जवाब विवि और संबंधित शिक्षक ही दे सकते हैं।


