सालभर बीत जाने के बाद भी कहलगांव से तीनटंगा के बीच गंगा में मालवाहक जहाज चलाने की दिशा में अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हाे सकी है। अब भी अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण जिला प्रशासन से सहमति के ही इंतजार में है। प्रशासनिक सहमति मिलने के बाद ही प्राधिकरण की अाेर तीनटंगा अाैर कहलगांव के बटेश्वर स्थान में टर्मिनल निर्माण शुरू हाे पाएगा। हालांकि प्रशासनिक पहल लोस चुनाव के बाद ही हाेने की संभावना है। मतगणना 23 मई काे हाेगी। मई के बाद जब अाचार संहिता खत्म हाेगा। इसके बाद ही इस दिशा में पहल हाे सकेगी। वहीं मालवाहक जहाज नहीं चलने की वजह से भारी वाहनाें के कारण एनएच-80 पर लगातार जाम लग रहा है।
कहलगांव व तीनटंगा में होना है टर्मिनल निर्माण | बता दें कि तीनटंगा में टर्मिनल निर्माण के लिए अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण की अाेर से जमीन भी चिह्नित की गई है। प्रशासन ने उस वक्त पहल भी की थी कि लीज पर जमीन लेनी है या क्रय नीति पर खरीदनी होगी। जानकारी के मुताबिक एक कारगो जहाज प्राधिकरण के पास उपलब्ध है। इसमें एक खेप में 20 भारी वाहन जा सकेंगे। एनएच-80 पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा।

फरवरी में मुख्य सचिव ने की थी समीक्षा
15 फरवरी काे मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा की थी। राज्य परिवहन आयुक्त ने उस वक्त के जिला परिवहन पदाधिकारी से जानकारी ली थी। पूछा गया था कि तीनटंगा व कहलगांव में जहां टर्मिनल बनना है, वहां से एनएच की दूरी कितनी है। तीनटंगा से एनएच-31 के बीच 17 किमी की दूरी है और सड़क की चौड़ाई 5.5 मीटर है। जबकि कहलगांव में वर्निंग घाट से एनएच-80 की दूरी 550 मीटर है और सड़क की चौड़ाई 3.75 मीटर है। इसलिए वहां सड़क की चौड़ाई बढ़ाने को जमीन का अधिग्रहण करना हाेगा।


