राज्य भर में दो दिनों से हो रही वर्षा से नदियां उफनने लगी हैं। नदियों के नेपाल स्थित जलग्रहण क्षेत्र में भी काफी वर्षा हुई है। लिहाजा जल संसाधन विभाग ने बाढ़ से जुड़े सभी इंजीनियरों को अलर्ट कर दिया है। तटबंधों की लगातार निगरानी का निर्देश दिया है। .
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नेपाल में हुई वर्षा के कारण कोसी का डिस्चार्ज बराह क्षेत्र में चार हजार घनसेक बढ़ा है, तो वीरपुर बराज के पास इसके डिस्चार्ज में लगभग दस हजार घनसेक की वृद्धि हुई है। नेपाल सहित पूरे क्षेत्र में मात्र 10.03 मिमी ही वर्षा हुई है। उधर, पोखरा से लेकर बिहार तक गंडक के जलग्रहण क्षेत्र में औसत लगभग 21 मिमी वर्षा हुई है। लेकिन केवल पोखरा में लगभग 50 मिमी वर्षा हुई है। बूढ़ी गंडक के क्षेत्र में 19 मिमी और महानंदा के क्षेत्र में 20 मिमी वर्षा हुई। यह रिकॉर्ड मात्र दो बजे दिन (सोमवार) तक का है।

राज्य की सभी नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे हैं। लेकिन जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार काफी तेज है। जलस्तर में सबसे अधिक वृद्धि बागमती में हुई है। कन्सार में 24 घंटे में इस नदी का जलस्तर 1.28 मीटर ऊपर चढ़ा है। खरोई नदी एकमी घाट में लगभग 50 सेमी ऊपर चढ़ी है। गंगा में हाथीदह में भी 12 सेमी जलस्तर बढ़ा है। बागमती ढेंग में खतरे के निशान से मात्र 48 सेमी नीचे रह गई है।

महानंदा और अधवारा समूह की नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में हुई वर्षा का असर मंगलवार तक दिखेगा। सोमवार सुबह वाल्मीकिनगर बराज से 65 हजार घनसेक पानी छोड़ने के बाद गंडक का जलस्तर बढ़ने लगा। खगड़िया में 24 घंटे के भीतर कोसी नदी के जलस्तर में 50 सेमी व बागमती नदी के जलस्तर में 45 सेमी वृद्धि दर्ज की गई। यह जानकारी जल संसाधन विभाग के जेई नवीन कुमार ने दी। मुंगेर में गंगा के जलस्तर में सोमवार को 10 सेमी. की वृद्धि दर्ज की गयी।

