नवगछिया : एक तरफ जहां समाज में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद किया जा रहा है। सरकार भी इसको लेकर जागरूकता अभियान चला रही है। वहीं दूसरी ओर आज भी बेटियों के साथ समाज के बर्ताव में बदलाव नहीं आया है। कहीं जन्म से पहले बेटियां मारी जा रही हैं तो कहीं जन्म के बाद फेंक दी जा रही हैं। बेटियों के साथ इस तरह का समाज में आज भी जुल्म जारी है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को नवगछिया में सामने आया है।
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थाना क्षेत्र के महदत्तपुर कोरचक्का के सीमेंट गोदाम के बगल में ग्रामीणों द्वारा लावारिस अवस्था में बरामद एक नवजात शिशु जो लड़की थी उसे चाइल्ड लाइन को सौंपा गया। जानकारी के अनुसार दो दिन पहले किसी ने नवजात बच्ची को लावारिस अवस्था में छोड़ दिया था। नवजात बच्ची को देखने के लिए पूरे गांव के लोग जमा हो गए। इस बीच गांव के मंटू सिंह कुशवाहा व उनकी पत्नी नीतू देवी ने बच्ची की पालन पोषण की जिम्मेदारी लेते हुए उसे उठाकर अपने घर लेकर चली गई।


पिछले 2 दिनों से बच्ची उन्हीं के घर में थी। लावारिस अवस्था में नवजात शिशु को फेंके जाने की जानकारी जब चाइल्ड लाइन को मिली तो चाइल्ड लाइन के मुकेश कुमार और सरोज कुमार मंटू सिंह के घर पहुंचे। इस दौरान वे बच्ची को अपने साथ ले जाने की बात कही तो मंटू सिंह व उनके परिजनों ने इसका विरोध कर दिया। इसके बाद भी चाइल्ड लाइन के सदस्यों बच्ची को अपने साथ ले जाने की बात कह रहे थे।

सूचना पर पुलिस पहुचीं और बच्ची को इलाज के लिए एम्बुलेंस से नवगछिया अनुमंडल अस्पताल लाया गया। इलाज के बाद भी मंटू की पत्नी नीतू देवी बच्ची को अपने पास रखने की बात कह रही थी। इसको लेकर उनलोगों ने अस्पताल में हंगामा भी किया गया। इस दौरान नीतू देवी बच्ची को लेकर वहां से निकल गई। नीतू देवी द्वारा बच्ची को लेकर चले जाने के बाद नवगछिया पुलिस ने नीतू देवी के पति मंटू सिंह को हिरासत में लिया। इसके बाद नीतू देवी बच्ची को लाकर पहुंचाया।
