नवगछिया : गंगा नदी के जल स्तर में लगातार वृद्धि जारी रहने से नवगछिया अनुमंडल में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है. गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से 123 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. वतर्मान में नदी 32.83 सेंटीमीटर पर बह रहे हैं. जबकि गंगा नदी का खतरा का निशाना 31.60 है. पिछले 24 घंटे में गंगा नदी के जल स्तर में आठ सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है. हलांकि जल संसाधन विभाग के पदाधिकारी द्वारा जल स्तर की वृद्धि जिस गति से हो रही थी उस रफ्तार में कमी आने की बात कही है.
गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि होने से अनुमंडल के एक लाख से अधिक आबादी बाढ़ की विभीषिका झेल रही है. बाढ़ पीड़ित बांधो व सड़को पर नारकीय जिंदगी जी रहे हैं. बाढ़ पीड़ितों को राहत के नाम पर सिर्फ पॉलीथिन सीट व नाव तक ही सीमित है. इस्माईलपुर प्रखंड के इस्माईलपुर पश्चिमी भिट्ठा, पुर्वी भिट्ठा, नारायणपुर लक्ष्मीपुर, कामलकुंड पूरी तरह से बाढ़ से बाढ़ की चपेट में है. जबकि छोटी परबत्ता आंशिक रूप से बाढ़ से प्रभावित है. प्रखंड की 45 हजार आबादी लगभग बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं.

इस्माईलपुर के अधिकांश बाढ़ पीड़ित रिंग बांध पर शरण लिए हुए हैं. जबकि छोटी परबत्ता के बाढ़ पीड़ित 14 नवर सड़क पर शरण लिए हुए हैं. पीड़ितों को नजे तो राशन मिला है न ही पेयजल व शौचालय की व्यवस्था की गई है. राहत के नाम पर अब तक एक हजार पॉलीथिन सीट दिया गया है एवं 14 नाव की व्यवस्था की गई है. बांधों और सड़कों पर भगवान के भरोसे बाढ़ पीड़ित हैं. नवगछिया प्रखंड के खगड़ा एवं जगतपुर पंचायत बाढ़ से प्रभावित है. दोनो पंचायत के करीब 15 सौ से अधिक परिवार बाढ़ की विभीषिका झेल रहे है.
बाढ़ पीड़ित सड़को व घर की छतों पर शरण लिए हुए है. बाढ़ पीड़ितों को अब तक किसी प्रकार की प्रशासनिक सहायता नहीं मिली है. रंगरा प्रखंड क्षेत्र के मदरौनी कौसकीपुर सहौरा, तीन टंगा दियारा उत्तर, तीन टंगा दियारा दक्षिण, सधुआ चापर सहित 5 पंचायतों के दर्जनों गांव कोसी नदी के बाढ़ में जलमग्न हो चुके हैं. पांचों पंचायत की 25 हजार आबादी बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं. बाढ़ पीड़ित कटारिया रेलवे स्टेशन, एनएच 31, रंगरा तिनटेंगा 14 सड़क पर शरण लिए हुए हैं. बाढ़ पीड़ितों के बीच महज तीन सौ पॉलीथिन सीट का वितरण किया गया है एवं 10 नाव संचालित किए गए हैं.


