गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर नए फाेरलेन पुल के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। 4.36 किमी लंबे पुल और 9.94 किमी पहुंच पथ वाले पुल के निर्माण पर 1726 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पहुंच पथ की लंबाई भागलपुर की तरफ 969 मीटर और नवगछिया की ओर 8.96 किलोमीटर होगी।
पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने गुरुवार को बताया कि पुल के निर्माण की योजना के एलाइनमेंट को लेकर दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। अब इस पुल निर्माण के लिये टेंडर होगा। पुल का निर्माण वर्तमान विक्रमशिला सेतु के समानांतर पूरब दिशा की ओर किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक 51 एकड़ भू-अर्जन राज्य सरकार कर रही है।
इस पुल के बन जाने से न केवल दक्षिण बिहार बल्कि पड़ोसी राज्य झारखंड से उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि पुल बनाने की योजना प्रधानमंत्री के विशेष पैकेज में शामिल की गई है। इसके लिए नवगछिया से भागलपुर और भागलपुर से हंसडीहा पथ को नेशनल हाइवे अधिसूचित किया गया है।

भागलपुर की तरफ 969 मीटर और नवगछिया की ओर 8.96 किलोमीटर का हाेगा पहुंच पथ
चार माैजा की 51 एकड़ जमीन की जाएगी अधिग्रहित
विक्रमशिला सेतु के समानांतर नए फाेरलेन पुल के निर्माण के लिए चार माैजा की 51 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इनमें महादेवपुर, परबत्ता, मखुजान अाैर नगर निगम का भी माैजा शामिल है। इसके लिए 53 रैयताें की जमीन ली जाएगी। कुछ हिस्सा गंगा में है ताे ज्यादा जमीन कृषि याेग्य है। जमीन का सत्यापन हाे चुका है। डीएम की अध्यक्षता में बनी छह सदस्यीय कमेटी की जांच भी हाे चुकी है। अब जमीन की दर का निर्धारण हाेगा। इसके लिए रजिस्ट्री अाॅफिस से जमीन का केवाला निकाला जा चुका है। तीन साल पहले तक के केवाला अाैर एमवीअार के अाधार पर जमीन की दर तय की जाएगी। फिर मुअावजा के लिए एस्टीमेट तैयार हाेगा। राशि मिलने के साथ मुअावजा भुगतान की दिशा में पहल तेज की जाएगी।


