भागलपुर : भूकंपीय दृष्टिकोण से देश के 13 शहर सर्वाधिक संवेदनशील हैं, इनमें भागलपुर भी शामिल है। मध्यम जोखिम वाले शहरों में पटना और दरभंगा है। हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय सूचना एवं तकनीकी संस्थान (आईआईआईटीएच) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार (एनडीएमए) की ओर से तैयार भूकंप आपदा जोखिम सूचकांक (ईडीआरआई) की गुरुवार को जारी रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। यह रिपोर्ट 50 शहरों और एक जिले के लिए तैयार की है जो सिस्मिक जोन 5 और 4 में आते हैं। दोनों ऐसे जोन हैं जो भूकंप के हिसाब से अति संवेदनशील हैं। इन 50 शहरों में से 30 में मध्यम और सिर्फ 7 शहर ऐसे हैं जिनमें कमतर जोखिम का अनुमान है। पहाड़ी शहरों से अधिक मैदानी इलाके में बसे शहरों में जोखिम ज्यादा है। यह सूचकांक भवन निर्माण की तकनीक और आबादी के घनत्व के आधार पर तैयार की गई है।
हाई रिस्क वाले शहर
भागलपुर बिहार
श्रीनगर जम्मू- कश्मीर
आइजोल मिजोरम
पानीपत हरियाणा
शिमला व सोलन हिमाचल प्रदेश
रत्नागिरि महाराष्ट्र
गंगटोक सिक्किम
मुरादाबाद यूपी
पिथौरागढ़, उत्तरकाशी उत्तराखंड
विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश


बिहार के सिस्मिक जोन
जोन 5 : अररिया, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल सहित 8 जिले- 15.2% क्षेत्रफल
जोन 4 : भागलपुर सहित 24 जिले जो जोन 5 और 3 में नहीं -63.7 प्रतिशत क्षेत्रफल
जोन 3 : औरंगाबाद, बक्सर, कैमूर और रोहतास सहित 6 जिले-21.1 प्रतिशत क्षेत्रफल
ये शहर भी हैं शामिल
भागलपुर, दरभंगा, पटना, इटानगर, गौहाटी, दिसपुर, पोर्ट ब्लेयर, भुज, मंडी, श्रीनगर, इंफाल, शिलांग, आइजल, कोहिमा, अगरतला, चमोली, पिथौरागढ़, जामनगर, फरीदाबाद, गुड़गांव, पानीपत, पंचकुला, शिमला, सोलन, जम्मू, रत्नागिरि, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, अलवर, गंगटोक, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, मेरठ, बरेली, मथुरा, मुरादाबाद, देहरादून, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंडीगढ, दार्जिलिंग, विजयवाड़ा, अहमदाबाद, मुंबई, पुणे, चेन्नई, कोलकाता और नई दिल्ली।
बिहार में सबसे बड़ा भूकंप 15 जनवरी 1934 को भूकंप का केन्द्र बिहार-नेपाल सीमा पर था और रिक्टर स्केल पर मैग्निट्यूड 8 था। तब 10,700 लोगों की जान गई थी। मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, दरभंगा और मुंगेर में तब भारी तबाही हुई थी।

2014 में भागलपुर में कई बार भूकंप के झटके अाए
2014 में भागलपुर में एक के बाद एक भूकंप के कई झटके अाने के बाद से ही यह माना जाने लगा था कि शहर अाैर अासपास का क्षेत्र भूकंप से अति प्रभावित क्षेत्राें में हैं। 2014 से लगातार हर साल भागलपुर में भूकंप के झटके अाते रहे हैं।
तेजी से घिसक रहा प्लेट, इस कारण भागलपुर सिस्मिक जाेन चार में
टीएमबीयू में पीजी भूगाेल के हेड प्राे. शरत चंद्र मंडल ने बताया कि गंगा के किनारे बसे अाैर हिमालय की तराई के करीब के इलाके अामताैर पर भूकंप प्रभावित क्षेत्राें में अाते हैं। भागलपुर गंगा के किनारे बसा हुअा है अाैर हिमालय की तराई के भी करीब है। इसके साथ ही अति बाढ़ प्रभावित हाेने की वजह से भी एेसी स्थितियां पैदा हाेती रहती हैं। दूसरी तरफ, टीएनबी काॅलेज में भूगाेल के शिक्षक डाॅ. अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि भागलपुर का हाई रिस्क जाेन में हाेने के पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि यह शहर या क्षेत्र इंडाे-अाॅस्ट्रेलियन प्लेट के सबसे अग्र भाग या सबसे किनारे स्थित है। यह प्लेट तेजी से उत्तर की तरफ खिसक रहा है। इस वजह से भागलपुर में भूकंप के झटके अाम हैं। इसी वजह से इसे सिस्मिक जाेन चार में रखा गया है।

