नवगछिया : विक्रमशिला सेतु पर रविवार की देर रात करीब दो बजे हाइवा और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इसमें हाइवा का चालक गंभीर रूप से जख्मी हो गया। समाचार लिखे जाने तक दोनों हाईवा व ट्रक में ही सीट और स्टेयरिंग के बीच फंसे हुए थे। उसको निकालने के लिए अन्य वाहनों के चालक प्रयास कर रहे थे। उन लोगों ने पुलिस को भी घटना की सूचना दी। वहीं, टक्कर के बाद सेतु पर जाम लग गया।

विक्रमशिला सेतु पर लगने वाला जाम लोगों के लिए मुसीबत बन चुका है। रविवार को सेतु पर जाम लगने के कारण नवगछिया से जगदीशपुर और दूसरी तरह घोघा तक सैकड़ों वाहन दस घंटे तक फंसे रहे।

भारी वाहनों के बीच दोपहिया व तीनपहिया वाहनों का निकलना भी मुश्किल था। नवगछिया जाने वाले लोगों ने पैदल ही पुल करना मुनासिब समझा। वहीं कई बाइक सवारों ने जान जोखिम में डालकर सेतु पैदल पथ का सहारा लिया।

सुबह सात बजे से दोपहर ढाई के बीच एक के बाद एक पांच ओवरलोड वाहनों के खराब होने के कारण जाम की समस्या गंभीर हो गई। पुल पर वाहन खराब हो जाए तो उसे वहीं पर ठीक कराने के बाद निकालने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं रहता। पुलिस के पास ज्यादा क्षमता वाले क्रेन उपलब्ध नहीं हैं। लोड वाहनों के खराब होने के बाद उसे खींचकर निकालने वाले क्रेन उपलब्ध नहीं है। स्थायी बायपास निर्माण एजेंसी जीआर इंफ्रा का क्रेन मंगवाकर खराब वाहनों को खींचकर नवगछिया की ओर ले जाया गया। इसके बाद सवा चार बजे वन-वे कर वाहनों का परिचालन कराया गया। इस दौरान चार-पांच एंबुलेंस भी जाम में फंसी रहीं।

विक्रमशिला सेतु पर रोजाना लगने वाले जाम से भागलपुर समेत कई जिलों के लोगों को परेशानी हो रही है। दरअसल, यह सेतु भागलपुर समेत पूर्वी बिहार व कोसी के कई जिलों के लिए लाइफलाइन है। राजेंद्रनगर पुल पर भारी वाहनों के परिचालन बंद होने से विक्रमशिला सेतु पर दबाव बढ़ गया है। आम दिनों में पुल पर 24 घंटे में 25-30 हजार वाहन गुजरते हैं। इन दिनों इनकी संख्या 45 हजार को पार कर गई है। जाम लगने की यह एक बड़ी वजह है।

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By न्यूज़ डेस्क

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