बिहार में कॉपी-किताब के साथ पंखों की दुकान भी खुलेगी। राज्य सरकार ने गुरुवार को इसका आदेश जारी कर दिया। दुकानें खोलने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। डीएम स्थानीय स्थिति के अनुसार इसे तय करेंगे।
बच्चों की पढ़ाई न प्रभावित हो इसके मद्देनजर कॉपी-किताब की दुकानें खोलने की अनुमति गृह मंत्रालय ने 21 अप्रैल के अपने आदेश में दिया था। गर्मी के चलते इलेक्ट्रिक पंखों की दुकानें भी खोलने की इजाजत दी गई। इसी का हवाला देते हुए गुरुवार को गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने कॉपी-किताब के साथ पंखों की दुकाने खोलने की अनुमति दे दी है। इस बाबत सभी डीएम-एसपी को पत्र भी जारी किया गया है।
निर्माण सामग्री के आवागमन पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा अनुमति प्राप्त निर्माण कार्यों में उपयोग की जाने वाली निर्माण सामग्री -छड़, सीमेंट, गिट्टी आदि का गोदाम, प्रतिष्ठान खोलने की कार्रवाई की जा रही है।

क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार निर्माण सामग्री- छड़, गिट्टी, सीमेंट आदि की सप्लाई चेन बरकरार रखने के लिए परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने गोदाम प्रतिष्ठान खोलवाने के लिए सभी डीएम को प्राधिकृत किया है।
श्री अग्रवाल ने कहा है जिलाधिकारी केस टू केस बेसिस पर समीक्षा कर शहरों में स्थित निर्माण सामग्रियों के गोदाम खोलवाने के संबंध में आवश्यकता अनुसार निर्णय लेंगे एवं खोलने की अनुमति देंगे। कहा है कि सभी पुलिसकर्मी एवं परिवहन विभाग के पदाधिकारी निर्माण सामग्री के वाहनों को आने जाने दें, ताकि जो निर्माण कार्य चल रहे हैं उसमें किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न ना हो। मालवाहक वाहनों के आवागमन पर किसी प्रकार की रोक नहीं है। भारत सरकार द्वारा 20 अप्रैल से कई निर्माण कार्यों को शुरू करने की इजाजत दी गई है। बैठक में भी यह निर्णय लिया गया कि निर्माण सामग्री से संबंधित दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में खोली जाए। गृह विभाग द्वारा इस संबंध में निर्देश भी जारी किए गए हैं।


