नवगछिया – विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार भगत ने भागलपुर के जेएलएनएमसीएच मायागंज अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके पिता बच्चा प्रसाद भगत को जानबूझकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा मार दिया गया है. इस बाबत उन्होंने भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री को लिखित शिकायत की है. प्रवीण भगत ने कहा कि उनके पिता को 3 जुलाई को हल्की खांसी की शिकायत थी तो उन्होंने स्थानीय चिकित्सक से दिखाया.
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चार जुलाई को जब सांस लेने में तकलीफ होने लगी तो उन्हें नवगछिया अस्पताल के एंबुलेंस से जेएलएनएमसीएच ले जाया गया. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उनके पिता का इलाज करने के लिये कोई तैयार नहीं हो रहा था. आरजू मिन्नत के बाद सिर्फ आक्सीजन लगा कर छोड़ दिया गया. दोपहर बाद उनके कोविड 19 टेस्ट के लिये सैम्पलिंग की गयी. इसके बाद रात्रि दस बजे तक उनके पिता को कोई देखने नहीं आया.

श्री भगत ने कहा कि उनके दामाद चिकित्सक हैं जब वीडियो कॉल के माध्यम से उन्हें पल्स का स्क्रीन दिखाया तो उन्होंने कहा कि इनकी स्थिति बहुत ही खराब है. इसके बाद भी न तो कोई चिकित्सक देखने को तैयार हुआ और न ही कोई नर्स, यहां तक कि डॉक्टर के चैंबर में भी घुसने नहीं दिया गया. रात दो बजे एक नर्स आयी और उसने स्लाइन चढ़ाया और एक सुई दी.
फिर 20 मिनट के बाद उनके पिता की मृत्यु हो गयी. इसके बाद शव का डीआर देने में भी 12 घंटे का समय लगाया गया. इस दौड़ान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और बदसलूकी की गयी. प्रवीण भगत ने कहा कि उन्हें न तो कोई रिपोर्ट दिया गया न ही दवाओं का चिठ्ठा. जानबूझ कर उनके पिता को मार डाला गया.

