भाेलानाथ फ्लाईओवर के नाम पर बीते 15 वर्षाें से केवल सियासत हाे रही है। अब विधानसभा चुनाव की अाहट हाेने के साथ वादे-दावे का खेल शुरू हाे गया है। एक बार फिर फ्लाईओवर पर चुनावी वादाें-दावाें की गाडियां दाैड़ने लगेंगी। लेकिन फ्लाईओवर कब बनेगा। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। न पुल निर्माण निगम, न नगर निगम और न नेता ही काेई ठाेस जवाब दे पा रहे हैं।
फ्लाईओवर का निर्माण अब तक नहीं हाेने से हल्की बारिश में ही भाेलानाथ अंडरपास में बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। ऐसे ही हालात रविवार काे भी वहां बन गए। रविवार काे सामाजिक कार्यकर्ता बजरंग बिहारी भाेलानाथ पुल के नीचे जमे पानी में गिर गए। उनका माेबाइल फाेन, पर्स व एटीएम कार्ड गंदे पानी में बह गया।
प्रशासन व निगम की व्यवस्था से परेशान हाेकर बजरंग बिहारी का सब्र टूट गया और वे पुल के नीचे पाने में ही धरने पर बैठ गए। वे सांसद, नगर विधायक, मेयर व डिप्टी मेयर काे बुलाने की मांग करने लगे। स्थानीय लाेग भी बजरंग के समर्थन में वहां पहुंच गए। पुल के नीचे बांस से बैरिकेडिंग कर दी। तीन घंटे तक वहां बजरंग ने विराेध जताया। इस कारण पुल के नीचे आवागमन बंद हाे गया।

निगम का टैंकर पानी निकालने पहुंचा ताे उसे भी पानी नहीं निकालने दिया। उन्हाेंने कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हाेगी और हमेें लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, पानी नहीं निकालने देंगे। इशाकचक पुलिस ने उन्हें पानी से निकाला वे सड़क पर लेट गए। बाद में उन्हें समझा-बुझाकर घर भेजा गया।
फ्लाईओवर नहीं बनने से सवा लाख की आबादी त्रस्त
भाेलानाथ फ्लाईओवर के नहीं बनने से शहर के दक्षिणी क्षेत्र की सवा लाख आबादी परेशान है। मोहद्दीनगर, मिरजानहाट, क्लबगंज, बबरगंज, सिकंदरपुर, शिवपुरी कॉलोनी, इशाकचक, लालूचक, एलआइसी कॉलोनी, बबरगंज समेत दक्षिणी क्षेत्र कई इलाकों के लाेग बार-बार जनप्रतिनिधियाें से इसकी मांग करते हैं, लेकिन अब तक काेई ठाेस नतीजा नहीं निकल सका है।
2005 से ही बन रही है निर्माण की योजना
मिरजानहाट शीतला स्थान से भीखनपुर गुमटी नंबर दो के फ्लाइओवर निर्माण की योजना 2005 में बनी थी। वहां 1.110 किलाेमीटर भोलानाथ पुल के ऊपर फ्लाइओवर के डीपीआर को पिछले साल स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया था।
इसके बाद वहां से वित्त विभाग काे फिनांशियल स्वीकृति के लिए भेजा गया। लेकिन अभी तक मामला वहीं अटका हुआ है। पहले काेराेना की राेकथाम के लिए किए गए लाॅकडाउन और अब विधानसभा चुनाव के कारण मामला फिर से फंस गया है। अब चुनाव के बाद ही इस पर काेई पहल हाेने की संभावना है।
117 करोड़ रुपए की लागत से हाेना है फ्लाईओवर का निर्माण
दक्षिणी क्षेत्र के लोगों की परेशानी काे देखते हुए भोलानाथ पुल के ऊपर फ्लाइओवर बनाने की सरकार ने योजना बनाई थी। वर्ष 2017 में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भागलपुर आए थे ताे उन्हाेंने डीआरडीए सभागार में समीक्षा बैठक की थी। इसमें विधायक अजीत शर्मा ने भाेलानाथ पुल का मुद्द उठाया। इसके बाद इस दिशा में पहल तेज की गई।
निर्माण के लिए रेलवे से एनओसी मिला। 117 करोड़ रुपए से फ्लाइओवर के निर्माण के लिए डीपीआर में बदलाव किया गया। इसके लिए जमीन अधिग्रहण में 45 करोड़ रुपए खर्च हाेने की संभावना जताई गई। फ्लाईओवर की चाैड़ाई 8.4 मीटर होगी। लेकिन जबसे वित्त विभाग के पास फाइल स्वीकृति के लिए मामला वहीं अटक गया।
पानी निकालने गई टीम काे लाेगाें ने राेका
भाेलानाथ पुल पर पानी निकालने के लिए सुबह 08.30 में टीम गई। कुछ लाेगाें ने उसे काम करने से राेका। इसके बाद पुलिस काे सूचना दी गयी ताे पुलिस ने युवक काे बाहर निकलवाया, इसके बाद टैंकर से पानी निकाल दिया गया।
– सत्येंद्र प्र. वर्मा, पीआरओ, निगम
input: Bhaskar


